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केरल के युवक ने पुलिस को याद दिलाई ड्यृटी, बदले में हुई धुलाई

Thu, 22 Mar 2018 03:45 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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पुलिस लोगों की मदद करने के लिए होती है न कि उन्हें परेशान करने के लिए। सबका मानना भी यही है कि पुलिस का काम कानून और नियमों को बनाए रखना होता है। लेकिन जरूरी नहीं कि हर जगह पुलिस अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभा रही हो। ऐसा ही एक मामला केरल के त्रिसूर जिले से सामने आया है। जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वीडियो में यह साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस प्रकार पुलिस दल एक युवक को पकड़ उसका उत्पीड़न कर रहे हैं।

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पुलिस युवक को जबरन पुलिस स्टेशन ले जाने के लिए अपनी जीप में आने के लिए मजबूर कर रही है। वीडियो में यह भी साफ दिख रहा है कि वहां मौजूद लोग युवक को बचाने के लिए पुलिस के सामने आए।

एक मलयाली युवक को त्रिसूर जिले में एक दुर्घटनास्थल के बारे में पता चला कि वहां आए दिन ऐसी दुर्घटनाएं होती रहती हैं। लेकिन पुलिस इससे बचाव के लिए कुछ नहीं कर रही है। लेकिन वहां आकर मदद करने की बजाय पुलिस ने वहां मौजूद लोगों को धकेलना शुरू कर दया। इसी बीच जब युवक पुलिस बल से प्रार्थना करने लगा कि वह उस स्थान में किसी पुलिस वाले को ड्यूटी पर लगा दें। ताकि वहां हो रही दुर्घटनाएं कम हों सके।
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तो पुलिस ने युवक से कहा कि तुम होते कौन हो कुछ कहने वाले। वहीं मौजूद सब इंस्पेक्टर ने इसके बाद उस युवक के साथ हाथापाई की, उसकी टी-शर्ट खींच उसे जीप में खींचने की कोशश की ताकि उसे पुलिस स्टेशन तक ले जाया जा सके। जैसे ही उसने विरोध किया, तो दूसरे पुलिस वाले ने उसकी सोने की चेन और ब्रेसलेट छीन लिये और कहा कि यदि वह अपना सामान चाहता है तो पुलिस के साथ पुलिस स्टेशन जाए। वहीं मौजूद लोग, जो कि उस मामले के गवाह थे ने भी आगे आकर पुलिस का विरोध किया।

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युवक ने किया पूरी घटना का विवरण

इसके साथ ही एक अन्य वीडियो भी सामने आया। जिसमें युवक ने पूरी घटना के बारे में बताया है। युवक बोल रहा था कि वह जब त्रिसूर से वापस लौट रहा था तब उसने वहां एक एक्सीडेंट देखा। इसके बाद उसने वहां मौजूद लोगों से मदद मांगी। वहां के स्थानीय लोगों ने फिर उसे बताया कि वहां रोज ऐसी दुर्घटनाएं होती हैं और पुलिस कुछ भी नहीं करती। युवक ने यह भी कहा कि उसे लोगों ने बताया कि वहां एक दिन में तकरीबन 6-7 दुर्घटनाएं होती हैं। 

फिर वह बताता है कि पुलिस वाले आकर उस पर चिल्लाने लगे। पुलिस ने लोगों को धक्का देकर जाने को कहा। फिर उसने पुलिस से कहा कि इस स्थान पर कम से कम एक पुलिस वाले को ड्यूटी पर लगा दें। जिसके बाद पुलिस ने उसके साथ हाथापाई करना शुरू कर दिया। वहां मौजूद लोगों का कहना है कि वह युवक जो कुछ भी कह रहा है, वह सब सच है। वहां वो सब कुछ हुआ था।

हालांकि सीएम पिनाराई विजयन और सीनियर पुलिस अधिकारी ने सुनिश्चित किया कि कोई भी पुलिस उन्हें प्राप्त अधिकारों का दुरूपयोग नहीं करेंगे और न ही नागरिकों पर धौंस जमाएंगे।
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