इंग्लैंड को सस्ते में समेटने के बाद बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। ओपनर जीत रावल को जेम्स एंडरसन ने विकेटकीपर बेयरस्टो के हाथों झिलवाकर कीवी टीम को पहला झटका दिया। इसके बाद टॉम लैथम (26) और कप्तान केन विलियमसन ने दूसरे विकेट के लिए 84 रन की साझेदारी करके इंग्लैंड को बैकफुट पर धकेला।
स्टुअर्ट ब्रॉड ने लैथम को वोक्स के हाथों कैच आउट कराकर न सिर्फ इस साझेदारी को तोड़ा, बल्कि एक खास उपलब्धि भी हासिल की। वह जेम्स एंडरसन के बाद टेस्ट क्रिकेट में 400 विकेट लेने वाले इंग्लैंड के दूसरे गेंदबाज बन गए हैं। इसके बाद कप्तान केन विलियमसन (91*) ने रॉस टेलर (20) के साथ 31 रन की साझेदारी की। जेम्स एंडरसन ने टेलर का कैच वोक्स के हाथों कराकर कीवी टीम का तीसरा विकेट गिराया।
इसके बाद विलियमसन ने हेनरी निकोल्स (24*) के साथ 52 रन की साझेदारी करके न्यूजीलैंड को फ्रंटसीट पर लाकर खड़ा कर दिया।
न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन ने टॉस जीतकर इंग्लैंड को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। इंग्लैंड को एलिस्टर कुक (5) और मार्क स्टोनमैन (11) टीम को अच्छी शुरुआत दिलाने में नाकाम रहे। बोल्ट ने कुक को लैथम के हाथों कैच कराकर इंग्लैंड को पहला झटका दिया। इसके बाद अपने अगले ओवर में इंग्लिश कप्तान जो रूट को क्लीन बोल्ड कर दिया। रूट खाता भी नहीं खोल सके।
इंग्लैंड की हालत तब और बिगड़ गई जबक दो रन के अंतराल में उसने अपने चार महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए। डेविड मलान, मार्क स्टोनमैन, बेन स्टोक्स और जोनी बेयरस्टो तू चल मैं आया जैसे पवेलियन लौटते गए।
स्कोर 18 रन से बढ़कर 23 रन पहुंचा ही था कि इंग्लैंड को चार रन के अंतराल में तीन जोरदार झटके लगे। इस दौरान क्रिस वोक्स (5), मोइन अली और स्टुअर्ट ब्रॉड आउट हुए। अली और ब्रॉड खाता भी नहीं खोल सके। जेम्स एंडरसन (1) ने क्रैग ओवरटन (33*) के साथ अंतिम विकेट के लिए 31 रन की साझेदारी करके इंग्लैंड को 50 रन के पार लगाया।
हालांकि, इंग्लैंड का टेस्ट क्रिकेट में यह छठा न्यूनतम स्कोर रहा। इंग्लैंड का टेस्ट में सबसे कम स्कोर 45 रन है, जब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1887 में ऑलआउट हुई थी। इसके बाद वेस्टइंडीज ने 1994 और 2009 में इंग्लैंड को क्रमशः 46 व 51 रन पर ऑलआउट कर दिया था।
1948 और 1888 में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को क्रमशः 52 व 53 रन पर ऑलआउट किया था।