स्थानीय लोगों ने घरों में पानी भरने के कारण सड़क पर खाना पकाया। इससे मुंडक्कल-एरावीपुरम तटीय मार्ग जाम हो गया। यहां के लोगों का आरोप है कि वे पिछले तीन महीने से ऐसी ही समस्या से जूझ रहे हैं। फिर भी इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल और असम के बाद अब केरल भी मौसम की मार झेल रहा है। केरल के कई तटीय गांव और शहर में बाढ़ के हालात बन गए हैं। इससे नौकाओं और मछली पालन से जुड़े लोगों को काफी नुकसान हो रहा है। सबसे ज्यादा कोल्लम शहर की स्थिती खराब है। यहां रविवार को ऊंची लहरों के कारण घरों में पानी घुस गया और कई इमारतें नष्ट हो गईं। इसके बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क गया और विरोध-प्रदर्शन किया।
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तीन महीने से समस्या
स्थानीय लोगों ने घरों में पानी भरने के कारण सड़क पर खाना पकाया। इससे मुंडक्कल-एरावीपुरम तटीय मार्ग जाम हो गया। यहां के लोगों का आरोप है कि वे पिछले तीन महीने से ऐसी ही समस्या से जूझ रहे हैं। फिर भी इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। वहीं, कांग्रेस नेता बिंदू कृष्णा भी सोमवार को विरोध- प्रदर्शन में शामिल हुईं और कहा कि स्थानीय लोगों ने कई बार अधिकारियों से संपर्क किया है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इसलिए हो रही परेशानी
उन्होंने कहा, 'पिछले तीन से चार महीनों से वेदिकुन्नू क्षेत्र में समुद्री कटाव गंभीर रूप से हो रहा है। स्थानीय लोगों ने कई बार अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। क्षेत्र के पास एक पैदल मार्ग बनाया गया है, जिसके कारण यहां कटाव बढ़ गया है। मछुआरों और घरेलू सहायकों के रूप में काम करने वाले लोग यहां रह रहे हैं। ये लोग अधिकारियों की लापरवाही के कारण प्रदर्शन करने को मजबूर हैं।'
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पांच घरों को पहुंचा नुकसान
कोल्लम तटीय इलाके में ऊंची लहरों के कारण रविवार रात घरों में पानी घुस गया। इससे करीब पांच घर क्षतिग्रस्त हो गए। स्थानीय लोगों की मांग है कि जिन लोगों ने पूरी तरह या आंशिक रूप से घर खो दिए हैं, उन्हें घरों की निर्माण मरम्मत के लिए प्रशासन से मुआवजा मिलना चाहिए।
लोगों ने बताई आपबीती
उन्होंने कहा, 'हम कल खाना नहीं खा सके। हम सभी डरे हुए हैं। अब हम सड़क जाम करके विरोध कर रहे हैं क्योंकि हमारे पास कोई अन्य विकल्प नहीं है। हमारी मांग है कि जिन लोगों ने पूरी तरह या आंशिक रूप से घर खो दिए हैं, उन्हें इस इलाके के लोगों के लिए घर और सुरक्षा के लिए पैसा मिलना चाहिए।'