केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन (फाइल फोटो)
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विपक्षी सदस्यों ने इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव की मांग करते हुए एक नोटिस पेश करते हुए आरोप लगाया कि अवैध धन हस्तांतरण मामले के पीछे कुछ भाजपा नेता मास्टरमाइंड थे। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस ने उन्हें हाल ही में एक स्थानीय अदालत में दायर आरोप पत्र में गवाह के रूप में सूचीबद्ध किया था, इसलिए आगे की जांच केंद्रीय एजेंसी के हवाले की जानी चाहिए।
इसके साथ ही विपक्षी सदस्यों ने करोड़ों रुपये के इस घोटाले में जांच को प्रभावित करने के लिए एक खुफिया भाजपा-सीपीआई(एम) नेक्सस बनने की भी आशंका जताई। वहीं, विजयन ने इस आरोप से इनकार किया कि राज्य सरकार हवाला पैसे के स्रोत का पता लगाने के लिए किसी अधिकृत केंद्रीय एजेंसी को जांच सौंपे बिना ही मामले को सुलझाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष जानबूझकर तथ्यों को छिपाने और जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है। विजयन ने कहा कि जांच करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के पास अपने संबंधित कानून के तहत स्पष्ट शक्तियां हैं। विपक्ष इस तरह के आरोप लगा रहा है, हालांकि वे ये स्पष्ट रूप से जानते हैं कि राज्य सरकार को उन्हें जांच सौंपने की जरूरत नहीं है।
सीएम ने कहा कि कोडाकरा में लूटा गया पैसा छह अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव को प्रभावित करने के लिए जुटाई गई बड़ी राशि का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस ने मामले की जांच की है और चार्जशीट दाखिल की है। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन और पार्टी के जिला पदाधिकारियों समेत करीब 250 गवाहों से पूछताछ की जा चुकी है।
विजयन ने कहा कि पुलिस की जांच अभी प्रारंभिक अवस्था में है और हो सकता है जो भाजपा नेता अभी गवाह के तौर पर हैं वह आगे चलकर आरोपी बन जाएं। वहीं, विपक्ष ने इसका विरोध करने हुए अपना आरोप दोहराया कि इस मामले को रफा-दफा करने के लिए ही भाजपा नेताओं को आरोपी के स्थान पर गवाह बनाया गया है और इसमें राज्य सरकार मदद कर रही है।