अब दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटे पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जनता से कह रहे हैं कि वे चोर नहीं हैं। उन्होंने कोई चोरी नहीं की। वे तो हलवाई हैं, चीनी और तिल तो जनता का है, वे केवल उसे रेवड़ी बनाकर लोगों के बीच बांट रहे हैं।
हरियाणा चुनाव समाप्त होते ही अरविंद केजरीवाल दिल्ली की चुनावी तैयारी में जुट गए हैं। केजरीवाल ने अपनी कमजोरी को ही अपनी ताकत बनाने का निर्णय ले लिया है। भाजपा शराब घोटाले के सहारे केजरीवाल को जनता के बीच घेरने की योजना बना रही थी, लेकिन केजरीवाल उसी मुद्दे के सहारे जनता के बीच अपने आपको सही साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। वे जनता से कह रहे हैं कि वे चोर नहीं हैं। उन्होंने कोई चोरी नहीं की। वे तो हलवाई हैं, चीनी और तिल तो जनता का है, वे केवल उसे रेवड़ी बनाकर लोगों के बीच बांट रहे हैं। केजरीवाल इसके सहारे झुग्गी-झोपड़ियों के उसी मतदाता वर्ग पर निशाना साध रहे हैं जो उनकी सबसे बड़ी ताकत बना हुआ है।
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मंच से अरविंद केजरीवाल ने दिखाई रेवड़ी
केजरीवाल पर इस बात के आरोप लगते रहे हैं कि वे मुफ्त की रेवड़ी बांटकर लोगों के वोट ले रहे हैं। लेकिन केजरीवाल ने इसे भी अपनी ताकत बनाने की कोशिश की। रविवार को छत्रसाल स्टेडियम में आयोजित उनकी दूसरी जनता की अदालत में आए सभी लोगों को रेवड़ी के पैकेट बांटे गए। हर पैकेट में छः रेवड़ियां थीं। केजरीवाल ने मंच से कहा कि वे अब तक लोगों को छः रेवड़ी (मुफ्त बिजली, पानी, बुजुर्गों के लिए तीर्थ यात्रा, महिलाओं को मुफ्त सफर, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा) दे रहे थे। अब सातवीं रेवड़ी आने वाली है। यह रेवड़ी महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये नकद आर्थिक सहायता की होगी।
केजरीवाल ने पीएम मोदी को किया चैलेंज
आम आदमी पार्टी के प्रमुख ने कहा कि भाजपा और उनके सहयोगियों की इस समय देश के 22 राज्यों में सरकारें हैं, लेकिन किसी एक राज्य में भी वे लोगों को मुफ्त बिजली नहीं दे रहे हैं। यदि वे इन राज्यों में लोगों को मुफ्त बिजली दे दें तो वे स्वयं दिल्ली चुनाव में मोदी के लिए वोट मांगेंगे। इसके सहारे केजरीवाल गरीब मतदाताओं के बीच यह साबित करने की कोशिश कर रहे हैं कि उनके ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं, लेकिन वे लोगों को फ्री में सेवाएं दे रहे हैं, जबकि जो लोग आरोप लगा रहे हैं, वे अपने राज्यों में जनता को इस तरह की सुविधाएं नहीं दे पा रहे हैं।
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पत्नी को नहीं बनाया मुख्यमंत्री, बेटे को नहीं दिया टिकट
केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने अपने बाद आतिशी मारलेना को मुख्यमंत्री बनाया, लेकिन उन्होंने अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री नहीं बनाया। चुनाव में दूसरे दलों के नेता अपने बेटे-बेटियों को टिकट देने की कोशिश करते हैं, लेकिन उन्होंने अपने बेटे को कभी टिकट नहीं दिया। इसके सहारे गरीब मतदाताओं के बीच अरविंद केजरीवाल एक बार फिर अपनी छवि मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह कोशिश कितनी कामयाब रहेगी, यह चुनावों में ही पता चल पाएगा।