Karnataka: बंगलूरू की एक अदालत ने गुरुवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को समन भेजा। यह समन दो साल पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में भेजा गया है। अदालत ने उन्हें 29 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया।
दो साल पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में बंगलूरू की एक अदालत ने गुरुवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को समन भेजा और उन्हें 29 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया।
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यह मामला नेशनल हेराल्ड केस में ईडी द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी को बार-बार पूछताछ के लिए बुलाए जाने के विरोध में आयोजित प्रदर्शन से संबंधित है, जिसमें सिद्धारमैया व शिवकुमार ने भी हिस्सा लिया था।
जून 2022 में कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस ने इसका आयोजन किया था। बाद में विल्सन गार्डन थाने में इस संबंध में केस दर्ज किया गया, जिसमें आरोप लगाया गया कि आवश्यक अनुमति के बिना प्रदर्शन किया गया और इससे शांति भी भंग हुई।
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मूडा घोटाले को लेकर मुख्यमंत्री के खिलाफ अदालत में शिकायत दर्ज
मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (मूडा) साइट आवंटन घोटाले को लेकर आज कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ निर्वाचित प्रतिनिधियों की विशेष अदालत में निजी शिकायत दर्ज की गई। मैसूर स्थित कार्यकर्ता स्नेहमई कृष्णा ने मुख्यमंत्री पर घोटाले में शामिल होने शिकायत की है।
आरोप है कि सिद्धारमैया ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया है। शिकायतकर्ता ने अदालत से उनके खिलाफ सीबीआई या किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच कराने का निर्देश देने की मांग की है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि कानून के सामने झूठे मुकदमे नहीं टिकते हैं।