सीएम ने कहा कि बारिश में कमी के चलते यह मांग बढ़ी है और गर्मियों के दौरान ऐसा होता है। फिलहाल बिजली की मांग 15-16 हजार मेगावाट तक बढ़ गई है, जबकि बीते साल यह आंकड़ा 9-10 हजार मेगावाट ही था।
कर्नाटक इन दिनों बिजली की कमी से जूझ रहा है। शुक्रवार को इसे लेकर सीएम सिद्धारमैया ने बताया कि राज्य में सूखे के हालात के चलते बिजली उत्पादन में कमी आई है, साथ ही बिजली की मांग भी बढ़ गई है। सीएम ने बताया कि राज्य सरकार बिजली खरीदकर आपूर्ति को सामान्य करने की कोशिश कर रही है। सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि राज्य में जो कंपनियां बिजली उत्पादन कर रही हैं, उन्हें आदेश जारी कर दिया गया है कि वह राज्य सरकार को बिजली की सप्लाई करें।
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सीएम ने बताई बिजली की आपूर्ति में कमी की वजह
सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि बिजली का उत्पादन घटा है, वहीं मांग बढ़ गई है। बारिश में कमी के चलते यह मांग बढ़ी है और गर्मियों के दौरान ऐसा होता है। फिलहाल बिजली की मांग 15-16 हजार मेगावाट तक बढ़ गई है, जबकि बीते साल यह आंकड़ा 9-10 हजार मेगावाट ही था। इसी के चलते समस्या हुई है। मीडिया से बात करते हुए सीएम ने कहा कि उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई है, जिसमें राज्य के बाहर से बिजली खरीद पर चर्चा की जाएगी। साथ ही उन कंपनियों को भी आदेश जारी किया गया है, जो राज्य में बिजली का उत्पादन करती हैं, उन्हें राज्य को बिजली सप्लाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
भाजपा के आरोपों को सीएम ने किया खारिज
सीएम ने कहा कि हम बिजली की खरीद करके समस्या से निपटने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं भाजपा द्वारा बिजली के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार को घेरा जा रहा है लेकिन भाजपा के आरोपों को सीएम ने राजनीतिक बयानबाजी कहकर खारिज कर दिया। सीएम ने सवाल किया कि क्या उन्हें जमीनी हालात की जानकारी है? सूखे के हालात हैं, बारिश नहीं हुई, जिससे समस्या हुई लेकिन हम उसके बाद भी बिजली की सप्लाई कर रहे हैं।