कर्नाटक के कन्नड़ और संस्कृति मंत्री, वी सुनील कुमार ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार दो अक्तूबर से पहले राज्य गान की धुन और अवधि पर निर्णय ले लेगी। उन्होंने कहा कि 'अतीत में नाद' गीते के बारे में चर्चा हुई है, विशेष रूप से इसकी धुन और इसे पूरा करने की अवधि पर, लेकिन सरकार किसी अंतिम निष्कर्ष या निर्णय पर नहीं आई थी। इसलिए नौ सितंबर को हमने संगीत विशेषज्ञ से मिलकर एक समिति का गठन किया है जिससे कि जल्द से जल्द इसपर निर्णय हो सके।
लीलावती और डॉ डोडारांगे गौड़ा की समिति 15 दिनों के भीतर देगी रिपोर्ट
शून्यकाल के दौरान विधानसभा में मुदिगेरे के भाजपा विधायक एमपी कुमारस्वामी द्वारा उठाए गए मुद्दे का जवाब देते हुए, उन्होंने कहा कि मैसूर की लीलावती और डॉ डोडारांगे गौड़ा की समिति को धुन और अवधि के बारे में 15 दिनों में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
उन्होंने कहा कि समिति की पहली बैठक 16 सितंबर को हुई थी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर सरकार फैसला करेगी, जल्द ही हम इस संबंध में घोषणा करेंगे। गांधी जयंती से पहले हम घोषणा करेंगे। बता दें कि 'नाद गीते-जया भारत जननिया तनुजते' प्रख्यात कवि कुवेम्पु द्वारा लिखित, आधिकारिक तौर पर 2004 में राज्य गान के रूप में घोषित किया गया था। यह सभी सरकारी समारोहों और स्कूलों में प्रतिदिन गाया जाता है।