कर्नाटक में हनुमान ध्वज को लेकर तकरार
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कर्नाटक सरकार कठघरे में है। भाजपा ने मांड्या जिला प्रशासन के फैसले के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की सरकार पर हमला बोला है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा, प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था करे लिए कांग्रेस सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि केरागोडु में फहराए गए भगवा हनुमान ध्वज को हटाने के बाद विवाद हुआ। आदेश जिला प्रशासन ने दिया।
नियमों के उल्लंघन का आरोप, भाजपा ने कही यह बात
विजयेंद्र ने कहा कि केरागोडु गांव में 108 फीट ऊंचे स्तंभ पर हनुमान ध्वज ङपराया गया, लेकिन राज्य सरकार ने पुलिस बल का इस्तेमाल कर ध्वज को नीचे उतार दिया। जिला प्रशासन के मुताबिक केरागोडु ग्राम पंचायत में बिना अनुमति और नियमों का उल्लंघन कर ध्वज फहराया गया।
राष्ट्रीय ध्वज और कन्नड़ ध्वज फहराने की अनुमति मिली, पोल पर दिखा हनुमान ध्वज
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कथित तौर पर केरागोडु गांव में श्री गौरीशंकर सेवा ट्रस्ट को राष्ट्रीय ध्वज और कन्नड़ ध्वज फहराने की अनुमति मिली थी। ग्राम पंचायत की शर्तों का उल्लंघन करते हुए समिति ने भगवा हनुमान ध्वज फहराया। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों ने ध्वज उतारने के खिलाफ आक्रोश प्रकट किया।
आस्था से जुड़े मामले के कारण सार्वजनिक आक्रोश
मांड्या जिला प्रशासन के खिलाफ अपना असंतोष व्यक्त करते हुए संघ परिवार के कार्यकर्ताओं, धर्मनिरपेक्ष जनता दल और भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस के सामने जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने समझाने का भरपूर प्रयास किया लेकिन नाकामी हाथ लगी और दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का बलप्रयोग भी करना पड़ा। कई स्थानीय लोगों के घायल होने की खबरें भी सामने आई हैं। संवेदनशील और आस्था से जुड़े मामले के कारण सार्वजनिक आक्रोश बढ़ गया है।
CM सिद्धारमैया ने कहा- भगवा झंडा फहराना सही नहीं
इस मामले में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, अगर ग्राम पंचायत से राष्ट्रीय ध्वज और कर्नाटक का राजकीय झंडा फहराने की अनुमति मांगी गई थी तो इसके बदले दूसरा झंडा फहराना गलत है। उन्होंने कहा कि समिति को राष्ट्रीय ध्वज की जगह भगवा झंडा फहराना सही नहीं है। उन्हें राष्ट्रीय ध्वज फहराना चाहिए था।'