बृहस्पतिवार को कर्नाटक गृह मंत्री जी परमेश्वर ने भाजपा के वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा को पॉक्सो मामले में गिरफ्तारी की बात की। उन्होंने कहा कि यह सीआईडी की जांच पर निर्भर करता है।
यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण करने संबंधी अधिनियम (POCSO) के तहत पूर्व मुख्यमंत्री पर 17 वर्षीय लड़की के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में मुकदमा चल रहा है। बुधवार को सीआईडी ने यौन उत्पीड़न मामले में पूछताछ के लिए पूर्व भाजपा नेता को तलब किया। वहीं येदियुरप्पा के वकील ने सीआईडी के सामने पेश होने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है।
वहीं लड़की की मां ने येदियुरप्पा के खिलाफ सदाशिवनगर पुलिस स्टेशन में 14 मार्च को शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने वरिष्ठ भाजपा नेता के खिलाफ पॉक्सो और आईपीसी की धारा 354 ए के तहत मुकदमा दर्ज किया। लड़की की मां ने आरोप लगाया कि यह घटना 2 फरवरी की है, जब वे भाजपा नेता के घर एक मामले में मदद के लिए गए थे।
वहीं भाजपा नेता येदियुरप्पा ने इस आरोप को पूरी तरह से खारिज किया है, साथ ही उन्होंने यह कहा कि यह आधार निराधार है। बता दें कि 80 वर्षीय भाजपा नेता ने 2008 से 2011 के बीच, मई 2018 में कुछ समय के लिए और फिर 2019 से 2021 तक कई बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। हालांकि 2021 में अपना इस्तीफ़ा दे दिया।
बीएस येदियुरप्पा के बाद भाजपा के बसवराज सोमप्पा बोम्मई ने पदभार संभाला। वे कर्नाटक के 23वें मुख्यमंत्री बने। बोम्मई जुलाई 2021 से मई 2023 तक इस पद पर रहे। भाजपा ने 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए हावेरी निर्वाचन क्षेत्र से बोम्मई को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।
क्या है पूरा मामला
पीड़िता की मां ने अपनी शिकायत में बताया कि घटना दो फरवरी को एक बैठक के दौरान हुई। येदियुरप्पा ने बताया कि कुछ दिन पहले एक महिला उनके घर आई थी। वह रोते हुए कह रही थी कि कुछ समस्या है। पूर्व सीएम ने आगे कहा, मैंने उससे पूछा कि मामला क्या है और मैंने खुद पुलिस को फोन किया। कमिश्नर को मामले की जानकारी दी और उनसे उसकी मदद करने को कहा। बाद में महिला मेरे खिलाफ बोलने लगी। मैंने यह मामला पुलिस कमिश्नर के ध्यान में लाया है। येदियुरप्पा ने कहा वह यह नहीं कहेंगे कि इसके पीछे कोई राजनीतिक मकसद है।