कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा को पॉक्सो मामले में बंगलूरू कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। इस पूरे मामले की जांच सीआईडी द्वारा की जा रही है। वहीं येदियुरप्पा ने कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की है। इस मामले में सीएम के बेटे और सांसद राघवेंद्र ने कहा, 'यह करीब ढाई महीने पहले की शिकायत है, इसमें कोई सच्चाई नहीं है। शिकायत करने वाली लड़की ने 50 अफसरों के खिलाफ ऐसी ही शिकायतें की थीं। (कर्नाटक) गृह मंत्री ने कहा कि वह मानसिक रूप से परेशान थी।'
वकील ने सीआईडी के सामने पेश होने के लिए समय मांगा
यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण करने संबंधी अधिनियम (POCSO) के तहत पूर्व मुख्यमंत्री पर 17 वर्षीय लड़की के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में मुकदमा चल रहा है। बुधवार को सीआईडी ने यौन उत्पीड़न मामले में पूछताछ के लिए पूर्व भाजपा नेता को तलब किया। वहीं येदियुरप्पा के वकील ने सीआईडी के सामने पेश होने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है। लेकिन बृहस्पतिवार को बंगलूरू कोर्ट ने पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है।
बता दें कि लड़की की मां ने येदियुरप्पा के खिलाफ सदाशिवनगर पुलिस स्टेशन में 14 मार्च को शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने वरिष्ठ भाजपा नेता के खिलाफ पॉक्सो और आईपीसी की धारा 354 ए के तहत मुकदमा दर्ज किया। लड़की की मां ने आरोप लगाया कि यह घटना 2 फरवरी की है, जब वे भाजपा नेता के घर एक मामले में मदद के लिए गए थे। वहीं पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा ने अपने खिलाफ दर्ज POCSO एक्ट में गिरफ्तारी से बचने के लिए विशेष अदालत (पीपुल्स रिप्रेजेंटेटिव कोर्ट) में अग्रिम जमानत की अपील की है।
यह है मामला
पीड़िता की मां ने अपनी शिकायत में बताया कि घटना दो फरवरी को एक बैठक के दौरान हुई। येदियुरप्पा ने बताया कि कुछ दिन पहले एक महिला उनके घर आई थी। वह रोते हुए कह रही थी कि कुछ समस्या है। पूर्व सीएम ने आगे कहा, मैंने उससे पूछा कि मामला क्या है और मैंने खुद पुलिस को फोन किया। कमिश्नर को मामले की जानकारी दी और उनसे उसकी मदद करने को कहा। बाद में महिला मेरे खिलाफ बोलने लगी। मैंने यह मामला पुलिस कमिश्नर के ध्यान में लाया है। येदियुरप्पा ने कहा वह यह नहीं कहेंगे कि इसके पीछे कोई राजनीतिक मकसद है।
पूर्व सीएम येदियुरप्पा ने हाई कोर्ट में अपील की कि इस मामले को रद्द कर देना चाहिए, क्योंकि उनके खिलाफ अपराध के साबित करने के लिए कुछ नहीं है। बता दें कि एक महिला ने बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि कर्नाटक के पूर्व सीएम ने उनकी बेटी के साथ दुर्व्यवहार किया। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने येदियुरप्पा के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।