कर्नाटक के पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक बी.जेड. जमीर अहमद खान ने सोमवार को आरोप लगाया कि उनसे जुड़े सभी ठिकानों पर हाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों द्वारा छापे की वजह राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता थी।
उन्होंने भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) पर उनके खिलाफ अभियान चलाने का भी आरोप लगाया। हालांकि, जद (एस) के दूसरे सबसे प्रमुख नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने उन आरोपों को सिरे से खारिज किया है, जिसमें उन्होंने ईडी अधिकारियों को शिकायत की थी।
हालांकि, भाजपा ने अब तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। ईडी ने पांच अगस्त को खान के परिसरों पर छापेमारी की थी। खान ने कहा, यह कार्रवाई राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता की वजह से की गई। लोग मेरा विकास बर्दाश्त नहीं कर सकते। मैंने लेकिन मुझे इसका सामना करना है और मैं करूंगा।
बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 4,000 करोड़ आईएमए घोटाले के संबंध में पूर्व कांग्रेस विधायक बी जेड जमीर अहमद खान की संपत्तियों पर छापा मारा था। इस पोंजी योजना को लेकर हजारों निवेशकों को निवेश के नाम पर धोखा दिया गया था।
इस घोटाले का भंडाफोड़ जून 2019 में हुआ था। 5 अगस्त को बंगलूरू में कई स्थानों पर सुबह 6 बजे के आसपास छापेमारी शुरू हुई। इसे लेकर कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई ने कहा कि कुछ भी राजनीति से प्रेरित नहीं है। ईडी अपना कर्तव्य निभा रहा है, इसमें कुछ भी राजनीतिक नहीं है।
मीडिया से बात करते हुए सीएम ने कोविड के बारे में कहा कि हम विशेषज्ञों की सिफारिश पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। मैं शुक्रवार को उनके साथ दो मुद्दों पर अंतिम बैठक करूंगा। साथ ही तीसरी लहर की स्थिति में कोरोना प्रोटोकॉल क्या हो और स्कूलों को खोलने पर हमारा क्या रुख होना चाहिए, इस पर चर्चा होगी। फिर मैं सभी प्रतिनिधियों को बुलाऊंगा और आगे के आदेश दूंगा।