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Karnataka: 'मेरे लिए परेशानी या चिंता करने वाली बात नहीं', मुदा जांच को लेकर विपक्ष पर सिद्धारमैया का पलटवार

Tue, 03 Sep 2024 02:53 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

कर्नाटक में मुदा जमीन आवंटन घोटाले में सीएम सिद्धारमैया के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी है। इस पर विपक्ष का कहना है कि मुख्यमंत्री परेशान हैं। हालांकि, अब उन्होंने इन दावों को सिरे से नकार दिया है। 
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने हाल ही में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी है। इस पर लगातार सियासी बवाल मचा हुआ है। विपक्ष का दावा है कि सिद्धारमैया इसे लेकर काफी चिंता में हैं। हालांकि, सीएम ने साफ कह दिया है कि वह मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (मुदा) मामले में अपने खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी को लेकर न तो परेशान और न ही चिंता में हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है। 

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इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया विपक्षी नेता इस बात को लेकर परेशान हैं कि उनके द्वारा बोला जा रहा झूठ सामने न आ जाए। 

यह है पूरा मामला
दरअसल, कर्नाटक में मुदा जमीन आवंटन घोटाले में सीएम सिद्धारमैया को राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही उनके खिलाफ जांच शुरू करने और मुकदमा चलाने की मंजूरी दी है। राज्यपाल के आदेश को सीएम सिद्धारमैया ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने सुनवाई 31 अगस्त तक के लिए टाल दी है। कोर्ट ने 19 अगस्त के अंतरिम आदेश को भी बढ़ा दिया। इसमें हाईकोर्ट ने विशेष एमपी एमएलए कोर्ट को सीएम सिद्धारमैया के खिलाफ शिकायतों की सुनवाई को अगली कार्यवाही तक स्थगित करने के लिए कहा था।

इस पूरे मामले को लेकर विपक्ष दावा कर रहा है कि सिद्धारमैया की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वह काफी परेशान हैं। 

मैंने कभी झूठ नहीं बोला: सीएम
इसी पर सीएम ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, 'विपक्ष झूठ बोल रहा है और इस बात को लेकर परेशान हैं कि कही यह सच साबित न हो जाए। मैंने कभी झूठ नहीं बोला और न ही कोई गलत काम किया। इसलिए मैं परेशान नहीं हूं।'
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नौ सितंबर तक कार्यवाही पर रोक
कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोमवार को मुदा मामले में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ निचली अदालत की कार्यवाही पर अंतरिम रोक नौ सितंबर तक बढ़ा दी।  

सीएम कौन बनेगा यह आलाकमान तय करेंगे
कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और प्रशासनिक सुधार आयोग के अध्यक्ष आरवी देशपांडे द्वारा रविवार को मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जताने पर सिद्धारमैया ने कहा कि मुख्यमंत्री किसे बनाया जाता है? यह विधायक और आलाकमान तय करेंगे। 

चामुंडेश्वरी मंदिर में की पूजा
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को चामुंडी पहाड़ी पर चामुंडेश्वरी मंदिर का दौरा किया और वहां देवी की पूजा की। उन्होंने पहली बार चामुंडेश्वरी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की बैठक की अध्यक्षता भी की। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्राधिकरण का गठन किया है। मैसूर शाही परिवार की एक सदस्य प्रमोदा देवी वाडियार ने अदालत से इस पर रोक लगवा ली थी, जिसे अब खाली कर दिया गया है।

हम अदालत के अनुसार कर रहे काम
यह पूछे जाने पर कि मैसूर के शाही परिवार के वंशज और भाजपा सांसद यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार ने सरकार को पत्र लिखकर बैठक को अवैध करार दिया है, सिद्धारमैया ने कहा, 'हमें अदालत के आदेश के साथ चलना चाहिए या सांसद के पत्र के अनुसार? हम अदालत के अनुसार चल रहे हैं।'

कोविड-19 की कथित अनियमितताओं के संबंध में...
भाजपा के सत्ता में रहने के दौरान कोविड-19 प्रबंधन में कथित अनियमितताओं के संबंध में कर्नाटक हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जॉन माइकल कुन्हा की अध्यक्षता वाले आयोग की रिपोर्ट के आधार पर सरकार क्या कार्रवाई करेगी, इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि रिपोर्ट गुरुवार को मंत्रिमंडल की बैठक में रखी जाएगी और निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'हम नहीं जानते कि रिपोर्ट में क्या है।' 

भगवा पार्टी के सत्ता में रहने के दौरान स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी पूर्व मंत्री के सुधाकर पर आरोप लगाते सीएम ने रिपोर्ट को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने पूछा, 'क्या उन्हें (सुधाकर) पता है कि रिपोर्ट में क्या है? मैं खुद नहीं जानता, क्या वह जानते हैं? ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्होंने गलत किया है, वह चिंतित हैं। उन्हें कैसे पता चला कि झूठी रिपोर्ट स्वीकार कर ली गई है?'

रिपोर्ट सामने आने से पहले कैसे कर सकता कोई इस पर बात
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट पर कोई टिप्पणी कैसे कर सकता है, जब इसे अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, 'इससे उनकी (सुधाकर) दोषी चेतना का पता चलता है। वह जानते हैं कि उन्होंने गलत किया है। इसलिए रिपोर्ट देखे बिना इस तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं।'

कर्नाटक प्रशासनिक सेवा के अधिकारी जीटी दिनेश कुमार को मुदा आयुक्त के तौर पर उनके कार्यकाल के दौरान कथित अनियमितताओं के लिए निलंबित किए जाने के बारे में सिद्धारमैया ने कहा कि शहरी विकास विभाग ने ऐसा किया है। 

यह पूछे जाने पर कि एक अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई क्यों की गई है, जबकि दो अधिकारी आरोपों का सामना कर रहे थे, उन्होंने कहा, 'जिसने भी कुछ गलत किया है, उनके खिलाफ जांच आयोग की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। देखते हैं कि जांच आयोग की रिपोर्ट से क्या निकलता है।'

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