कांग्रेस नेता और विधायक बीआर पाटिल ने कर्नाटक के राजस्व मंत्री कृष्ण बायरेगौड़ा द्वारा अपने ऊपर लगाए गए भ्रष्ट्राचार के आरोप की जांच की मांग की है। इसपर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रतिक्रिया दी है। सीएम सिद्धरमैया ने बताया कि उन्होंने वरिष्ठ नेता से इस मुद्दे पर बात की है।
सिद्धारमैया ने कहा, 'मैंने आज बीआर पाटिल से बात की। मैं कल उनसे मिलने की कोशिश की थी, लेकिन मुलाकात नहीं हो पाई। हमने आज सुबह बात की। मैंने उन्हें मुझसे मिलने लिए आमंत्रित किया, जिससे कि हम इस मुद्दे पर बात कर सके।'
पाटिल ने लिखी सिद्धारमैया को चिट्ठी
मंगलवार को बीआर पाटिल सिद्धारमैया को एक चिट्ठी लिखी थी, जिसमें उन्होंने इस मामले की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि आरोप साबित होने पर वह इस्तीफा भी देंगे। बीआर पाटिल ने कहा कि जबतक केआरडीएल का काम पूरा नहीं हो जाता वह सत्र में उपस्थित नहीं होंगे। सीएम को चिट्ठी लिखने के बाद वह बंगलूरू से कालबुर्गी लौट आए।
पाटिल ने कहा, 'पिछले सत्र में केआरडीएल के कार्यों में देरी और अधूरे काम पर सवाल उठाए जाने के बाद इस मुद्दे पर सत्र का ध्यान आकर्षित किया गया। इस पर राजस्व मंत्री कृष्ण बायरेगौड़ा ने ऐसा जवाब दिया, जिससे मुझ पर आरोप लग गया। मैंने इसके बाद विरोध किया, लेकिन कोई भी मेरे समर्थन में नहीं आया। बैठक में केवल इंडिया गठबंधन के विधायक यशवंतराय पाटिल मेरे समर्थन में खड़े हुए।'
उन्होंने आगे कहा, 'बायरेगौड़ा द्वारा मेरे ऊपर लगाए गए आरोपों की जांच होनी चाहिए। मैं आत्मसम्मान के साथ जीता हूं। अगर जांच में कुछ साबित नहीं होता है तो वह नहीं बचेगा।'
इस मामले पर डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा कि सरकार मामले की जांच की तैयारी कर रही है। साल 2013 में विधानसभा चुनाव से पहले पाटिल के निर्वाचन क्षेत्र में कुछ काम कर्नाटक इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट लिमिटेड को सौंपा गया था। टेंडर जारी करने से बचने के लिए परियोजना को के आरआईडीएल को सौंपी गया। हालांकि, अबतक काम पूरा नहीं हुआ है और काम की गुणवता भी खराब है। पाटिल ने इस मुद्दे को पिछले विधानसभा सत्र में उठाया था।