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तेलंगाना: यूनेस्को के विश्व धरोहर में शामिल हुआ हजार खंभों वाला काकतीय रुद्रेश्वर मंदिर, पीएम ने भी की तारीफ

Sun, 25 Jul 2021 06:07 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद

सार

यूनेस्को ने रविवार को तेलंगाना में स्थित काकतीय रुद्रेश्वर (रामप्पा मंदिर) मंदिर को विश्व धरोहर में शामिल कर लिया है। 
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काकतीय - फोटो : Unesco
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विस्तार
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तेलंगाना में स्थित काकतीय रुद्रेश्वर (रामप्पा मंदिर) मंदिर को यूनेस्को ने रविवार को विश्व धरोहर में शामिल कर लिया। वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने इस सफलता पर कहा कि उत्कृष्ट! सभी को बधाई, खासकर तेलंगाना की जनता को। प्रतिष्ठित रामप्पा मंदिर महान काकतीय वंश के उत्कृष्ट शिल्प कौशल को प्रदर्शित करता है। मैं आप सभी से इस राजसी मंदिर परिसर की यात्रा करने और इसकी भव्यता का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करने का आग्रह करूंगा।

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बता दें कि वारंगल में स्थित यह शिव मंदिर इकलौता ऐसा मंदिर है, जिसका नाम इसके शिल्पकार रामप्पा के नाम पर रखा गया। इतिहास के अनुसार काकतीय वंश के राजा ने इस मंदिर का निर्माण 13वीं सदी में करवाया था। सबसे बड़ी बात यह है कि उस काल में बने ज्यादातर मंदिर खंडहर में तब्दील हो चुके हैं, लेकिन कई आपदाओं के बाद भी इस मंदिर को कोई खास नुकसान नहीं पहुंचा है। यह मंदिर हजार खंभों से बना हुआ है। 

इस संबंध में केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने एक ट्वीट करके कहा कि मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि यूनेस्को ने तेलंगाना के वारंगल के पालमपेट में स्थित रामप्पा मंदिर को विश्व धरोहर का टैग प्रदान किया है। राष्ट्र की ओर से, विशेष रूप से तेलंगाना के लोगों की ओर से, मैं पीएम मोदी के मार्गदर्शन और समर्थन के लिए उनका आभार व्यक्त करता हूं।
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बता दें कि रामप्पा मंदिर को 13वीं शताब्दी की इंजीनियरिंग का चमत्कार माना जाता है। सरकार की ओर से वर्ष 2019 में एकमात्र नामांकन के रूप में इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किए जाने के लिए प्रस्तावित किया गया था।
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