भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बुधवार को तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी डीएमके पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कोयंबटूर में कहा कि डीएमके और भ्रष्टाचार, डीएमके और वंशवाद, डीएमके और परिवार पर्यायवाची हैं। ये एक सिक्के के दो पहलू हैं। कश्मीर से दक्षिण तक लोकतंत्र के 70 सालों में गंभीर चुनौती आई है, जो राजनीतिक पार्टियां विचारधारा की बात किया करती थीं, वो सिमट कर पारिवारिक पार्टी रह गई हैं।
उन्होंने कहा कि ये लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती है और इसका सिर्फ एक जवाब है भाजपा। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भी सिमट कर पारिवारिक पार्टी रह गई है। उन्होंने कहा कि डीएमके के राज में कोरोना के नाम पर कैसे-कैसे प्रतिबंध लगाए गए। सप्ताह के अंत में लोगों को मंदिर जाने की अनुमति नहीं थी। डीएमके ने तमिलनाडु के सांस्कृतिक मूल्यों को कुचलने की कोशिश की है।
इसके अलावा तिरुपुर में नड्डा ने केंद्र में भाजपा नीत राजग और तमिलनाडु की सरकारों की तुलना की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सत्तारूढ़ सरकार भ्रष्टाचार, कुशासन, भाई-भतीजावाद और पक्षपात भरी हुई है जबकि दूसरी ओर प्रधानमंत्री जनधन योजना, ग्रामीण आवास, स्वच्छ भारत मिशन, विभिन्न सड़क परियोजनाओं, मुफ्त गैस कनेक्शन और किसानों के लिए सहायता जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से यहां के गरीबों और महिलाओं की सेवा करने के लिए उत्सुक हैं।
राज्य के विभिन्न जिलों में भाजपा के चार कार्यालयों का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन करने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा, 'यह एक वंशवादी शासन है, यह एक पारिवारिक नियम है। आप द्रमुक में कल्पना नहीं कर सकते कि परिवार के अलावा कोई और आकर नेतृत्व दे सकता है।'