फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाजपा के 11वें अध्यक्ष बने जगत प्रकाश नड्डा, 1980 से अबतक किस-किस ने संभाला यह पद

Mon, 20 Jan 2020 07:59 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 11
जगत प्रकाश नड्डा - फोटो : ANI
जेपी आंदोलन से सुर्खियों में आए जगत प्रकाश नड्डा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी के निर्विरोध 11वें राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिए गए हैं। वह अमित शाह की जगह लेंगे। नड्डा अभी तक भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष थे। निर्वाचन अधिकारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह ने नड्डा के नाम की आधिकारिक घोषणा की।
 

जेपी नड्डा 1977 से 1979 तक तत्कालीन बिहार (वर्तमान में झारखंड) के रांची में रहे। उनके पिता रांची विश्वविद्यालय के कुलपति व पटना विवि के प्रोफेसर थे। 1975 में जेपी आंदोलन में भाग लेने के बाद जगत प्रकाश नड्डा बिहार में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल हुए। 1977 में छात्र संघ का चुनाव लड़ा और सचिव बने। पटना से स्नातक के बाद नड्डा ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई की। 1983 में पहली बार हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव में वह विद्यार्थी परिषद के अध्यक्ष चुने गए।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचने वाले जगत प्रकाश नड्डा 1993 में हिमाचल विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद भाजपा विधायक दल के नेता बने थे। 1998 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद नड्डा को पार्टी हिमाचल का सीएम बनाना चाह रही थी, लेकिन उनके पीछे हटने से प्रेम कुमार धूमल का नाम प्रस्तावित किया गया। 2009 में मंत्री पद छोड़कर वह दिल्ली चले आए।

भारतीय जनता पार्टी जनसंघ से अलग होकर 1980 में अस्तित्व में आई थी। 21 अक्टूबर 1951 को भारतीय जनसंघ का गठन किया गया था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी से भेंट की इसके बाद जनसंघ के निमार्ण की प्रक्रिया मई 1951 में शुरू हुई और  21 अक्टूबर 1951 को जनसंघ का पहला राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की अध्यक्षता में अखिल भारतीय जनसंघ की स्थापना हुई। आज जनसंघ से अलग होकर बनी भारतीय जनता पार्टी विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। 1980 से अब तक कौन-कौन बने इस पार्टी के अध्यक्ष बने जानने के लिए अगली स्लाइड पर क्लिक करें....
 
विज्ञापन

2 of 11
अमित शाह - फोटो : ANI

अमित शाह

जगत प्रकाश नड्डा से पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह थे। अमित शाह 2014 से 19 जनवरी 2019 तक इस पद पर रहे। इन्हीं के कार्यकाल में भाजपा का स्वर्णिम युग आया और यह विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनी। अमित शाह का जन्म 22 अक्टूबर 1964 को मुंबई में हुआ था। 16 वर्ष की उम्र तक उन्होंने अपनी शिक्षा अपने ननिहाल गुजरात के मनसा में ग्रहण की जिसके बाद उनका परिवार गुजरात जाकर बस गया। बचपन से ही वह विशेष तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से बेहद प्रभावित थे और अहमदाबाद में ही सक्रिय रूप से संघ में शामिल हो गए थे। इस एक कदम से उनके जीवन की दिशा ही बदल गई और वह भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में आगे बढ़ने लगे। फिलहाल अमित शाह केंद्रीय गृहमंत्री के पद पर हैं।
विज्ञापन

3 of 11
राजनाथ सिंह - फोटो : ANI

राजनाथ सिंह

अमित शाह से पहले मौजूदा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। राजनाथ सिंह ने 2005-2009 और फिर  2013 - 2014 तक इस पद को संभाला। राजनाथ सिंह का जन्म 10 जुलाई 1951 को उत्तर प्रदेश के बाभोरा गांव, तहसील चकिया, जिला वाराणसी (अब जिला चंदौली में स्थित) में रामबदन सिंह और गुजराती देवी के घर हुआ था।

1977 में उत्तर प्रदेश विधानसभा से विधायक के रूप में अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाले राजनाथ सिंह 1983 में उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश सचिव बने थे। इसके बाद 1984 में वे भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष चुने गए। 1986 से 1988 तक भाजपा युवा मोर्चा के महासचिव और फिर 1988 में राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। राजनीति में लगातार सक्रिय रहते हुए 31 दिसंबर 2005 को राजनाथ सिंह ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने बतौर भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष देश के हर कोने का दौरा किया।

4 of 11
नितिन गडकरी (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook

नितिन गडकरी

मौजूदा मोदी सरकार में सड़क परिवहन और राजमार्ग, जहाजरानी, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी राजनाथ सिंह से पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। नितिन गडकरी ने 2010 से 2013 तक पार्टी की कमान संभाली थी। गडकरी का जन्म 27 May 1957 को महाराष्ट्र के नागपुर में हुआ था। गडकरी का जन्म महाराष्ट्र के नागपुर शहर में एक मध्यमवर्गीय कृषि परिवार में हुआ था, नागपुर में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय भी है। आरएसएस से जुड़ने और राष्ट्र निर्माण के अपने मिशन के लिए उन्हें अपने प्रारंभिक जीवन में ही प्रेरणा मिली। 

गडकरी 1989 से महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य रहे हैं। वह 1999-2005 तक महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष के नेता भी रहे। वह 2009 तक महाराष्ट्र प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रहे और जब वह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर आसीन हुए तो पार्टी के सबसे युवा अध्यक्ष थे।

विज्ञापन

5 of 11
उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू - फोटो : अमर उजाला

एम वेंकैया नायडू

मौजूदा उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने 2002 से 2004 तक भाजपा की कमान संभाली थी। एम वेंकैया नायडू का पूरा नाम मुप्पावारापु वेंकैया नायडू है। इनका जन्म 1 जुलाई, 1949 को आंध्र प्रदेश के एक छोटे से गांव चावाटापलेम के किसान परिवार में हुआ था। 

कॉलेज के दिनों से ही वेंकैया नायडू आम आदमी के कल्याण में काफी दिलचस्पी रखते थे, विशेष तौर पर किसानों और समाज के दबे-कुचले वर्ग के मुद्दों को लेकर वह गहन चिंतन करते हैं। इसके चलते ही वह काफी कम उम्र से सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में शामिल रहे। नायडू 1973-74 में आंध्र विश्वविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष के रूप में अपने समाजिक और राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। इसके बाद 1977-80 तक नायडू ने आंध्र प्रदेश के जनता पार्टी युवा विंग अध्यक्ष का पद संभाला। 1978-83 और फिर 1983-85 में  आंध्र प्रदेश विधानसभा से विधायक चुने गए। यहां से इनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत हुई। 1 जुलाई  2002 से 05 अक्टूबर 2004 तक भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष रहे। अप्रैल 2005 में नायडू को भाजपा का उपाध्यक्ष बनाया गया। अगस्त 2017 से अबतक देश के उपराष्ट्रपति हैं।

विज्ञापन

6 of 11
के. जना कृष्णामूर्ति (फाइल फोटो) - फोटो : social media

के. जना कृष्णामूर्ति

एम वेंकैया नायडू से पहले भाजपा की कमान कृष्णामूर्ति के हाथों में थी। इन्होंने 2001 से 2002 तक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभाला था। के. जना कृष्णमूर्ति प्रखर राष्ट्रप्रेमी और कुशल राजनेता थे। कृष्णमूर्ति का जन्म 24 मई 1928 को तमिलनाडु राज्य के मदुरई में हुआ था। उनके पिता और माता का नाम कृष्णास्वामी और सुब्बलक्ष्मी था। उन्होंने 1965 में सफल वकालत की प्रैक्टिस छोड़ दी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्कालीन सरसंघचालक एमएस गोलवलकर की प्रेरणा से राष्ट्र सेवा का व्रत लिया। कृष्णमूर्ति 1940 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सक्रिय स्वयंसेवक थे। उन्होंने तमिलनाडु में भारतीय जनसंघ के महामंत्री का कार्य भार संभाला।कृष्णमूर्ति ने दक्षिण भारत में भारतीय जनसंघ को मजबूत और विस्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

1980 में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना में अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, सुंदर सिंह भंडारी, कुशाभाउ ठाकरे और पार्टी के अन्य प्रमुख नेताओं के साथ मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक राष्ट्रीय सचिव थे। 1980 से 1990 के दौरान उन्होंने दक्षिण भारत के चार राज्यों केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भाजपा के विस्तार में अतुलनीय योगदान दिया।14 मार्च 2001 को वह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने और जून 2002 तक वे इस पद पर रहे। इसके साथ ही जना कृष्णमूर्ति अप्रैल 2002 में राज्यसभा के सदस्य बने और 2002-2003 तक केंद्रीय कानून मंत्री भी रहे। 25 सितबंर 2007 को जना कृष्णमूर्ति का देहावसान हो गया।

विज्ञापन

7 of 11
बंगारू लक्ष्मण (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

बंगारू लक्ष्मण

के. जना कृष्णामूर्ति से पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण थे। इन्होंने 2000 से 2001 तक पार्टी की कमान संभाली थी।  बंगारू लक्ष्मण का जन्म 17 मार्च, 1939 को हैदराबाद, आंध्र प्रदेश में बंगाली नरसिंह और शिवम्मा के घर हुआ। लक्ष्मण अपनी किशोरावस्था में प्रवेश करने से पहले ही 1951 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में शामिल हो गए थे। उन्होंने सरकारी हाई स्कूल, नामपल्ली से मैट्रिक किया और इवनिंग कॉलेज से स्नातक किया। उन्होंने लॉ कॉलेज, उस्मानिया विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की।

1970 और 1976 के बीच वह उस्मानिया विश्वविद्यालय सीनेट के सदस्य थे और वह स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुने गए थे। लक्ष्मण उच्च शक्ति वाले भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य थे जो 1998 में अमेरिका, पेरू और ब्राजील की यात्रा पर भारत के राष्ट्रपति के साथ भेजे गये थे। लक्ष्मण सात वर्षों तक अखिल भारतीय भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष रहे। वह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रहे। आपातकाल के दौरान उन्हें लगभग डेढ़ साल की कैद हुई। वह 1973 और 1977 के बीच भारतीय जनसंघ की आंध्र प्रदेश इकाई के सचिव थे और 1980 में नवगठित भारतीय जनता पार्टी की आंध्र प्रदेश इकाई के संयोजक बनने से पहले 1978 में वह आंध्र प्रदेश राज्य के सचिव थे। 1980 और 1985 के बीच वह पार्टी के महासचिव और 1986 से 1988 के बीच पार्टी के अध्यक्ष रहे।

8 of 11
कुशाभाऊ ठाकरे (फाइल फोटो) - फोटो : social media

कुशाभाऊ ठाकरे

कुशाभाऊ ठाकरे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में 1998 से 2000 तक इस पद पर थे। ठाकरे का जन्म 15 अगस्त 1922 में मध्य प्रदेश के धार इलाके में हुआ था। उनकी शिक्षा-दीक्षा भी ग्वालियर और धार में हुई थी। 1942 में कुशाभाऊ ठाकरे संघ से जुड़े थे। 

9 of 11
मुरली मनोहर जोशी (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

मुरली मनोहर जोशी

वर्तमान में भाजपा मार्गदर्शक मंडल के सदस्य के रूप में पार्टी को अपनी सेवा दे रहे मुरली मनोहर जोशी ने 1991 से 1993 तक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभाला था। मनोहर जोशी का जन्म 5 जनवरी 1934 को हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हिंदू हाई स्कूल चांदपुर से प्राप्त की और उच्च शिक्षा मेरठ कॉलेज और इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्राप्त की। यह अपने कई शिक्षकों के द्वारा प्रेरित किए जाने पर वह स्वतंत्रता संग्राम में शामिल हो गए थे।

डॉ. जोशी मानव संसाधन विकास मंत्रालय, विज्ञान एवं तकनीक और समुद्री विकास बतौर कैबिनट मंत्री संभाल चुके हैं। इससे पहले 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार के दौरान वह केन्द्रीय गृह मंत्री थे। डॉ. जोशी महज 10 साल की आयु में आरएसएस से जुड़ गए थे। इसके बाद 1949 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल हुए और 1957 में जनसंघ में शामिल हुए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में वह ऑल इंडिया जनरल सेक्रेटरी रहे। 

10 of 11
लालकृष्ण आडवाणी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

लालकृष्ण आडवाणी

1980 में भारतीय जनता पार्टी के गठन के बाद से ही आडवाणी जी वह शख्स हैं जो सबसे ज्यादा समय तक पार्टी में अध्यक्ष पद पर बने रहे हैं। आडवाणी ने 1986-1990 फिर 1993-1998 इसके बाद 2004-2005 तक राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर रहे। बतौर सांसद तीन दशक की लंबी पारी खेलने के बाद आडवाणी जी गृह मंत्री बने और बाद में अटल जी की कैबिनट में (1999-2004) उप-प्रधानमंत्री बने।आडवाणी  का जन्म 8 नवंबर 1927 को सिन्ध प्रान्त (पाकिस्तान) में हुआ था। वह कराची के सेंट पैट्रिक्स स्कूल में पढ़ें हैं और उनके देशभक्ति के जज्बे ने उन्हें राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वह जब महज 14 साल के थे, उस समय से उन्होंने अपना जीवन देश के नाम कर दिया।

विज्ञापन

11 of 11
अटल बिहारी वाजपेयी

भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी

जनसंघ से अलग होकर 1980 में जब भारतीय जनता पार्टी अस्तित्व में आई तो सबसे पहले अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी बने थे। 25 दिसंबर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में कृष्ण बिहारी वाजपेयी और कृष्णा देवी के घर जन्मे वाजपेयी जी के पास चार दशक से अधिक समय का संसदीय अनुभव था। वे 1957 से संसद सदस्य रहे । वे 5वीं, 6वीं, 7वीं लोकसभा और फिर उसके बाद 10वीं, 11वीं, 12वीं और 13वीं लोकसभा में जीतकर पहुंचे थे। इसके अलावा 1962 और 1986 में दो बार वे राज्यसभा के सदस्य भी रहे। 

वाजपेयी 1951 में जनसंघ के संस्थापक सदस्य और फिर 1968-1973 में भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष और 1955-1977 तक जनसंघ संसदीय पार्टी के नेता रहे। वह 1977 से 1980 तक जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य के रूप में और 1980 से 1986 तक भाजपा के अध्यक्ष रहे। साथ ही 1980-1984, 1986, 1993-1996 में वे भाजपा संसदीय दल के नेता रहे। ग्यारहवीं लोक सभा के दौरान वह नेता विपक्ष के पद पर रहे। इससे पहले मोरार जी देसाई की सरकार में उन्होंने 24 मार्च 1977 से 28 जुलाई 1979 तक विदेश मंत्री का पदभार भी संभाला था।

अटल बिहारी वाजपेयी 16 से 31 मार्च, 1996 तक और फिर 19 मार्च, 1998 से 13 मई, 2004 तक देश के प्रधानमंत्री रहे। इंदिरा गांधी के बाद लगातार तीन बार अपने नेतृत्व में पार्टी को जीत दिलाने वाले इकलौते प्रधानमंत्री का गौरव वाजपेयी जी के नाम है। वाजपेयी जी इकलौते नेता हैं जिन्हें चार अलग-अलग राज्यों (उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश और दिल्ली) से चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचने का गौरव हासिल है। 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें