तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने भाजपा और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने राज्यपाल से जारी तनातनी के बीच कहा कि पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल जगदीप धनखड़ भी राज्य सरकार का लगातार विरोध करते थे। इसके लिए उन्हें इनाम दिया गया है। इनाम के फलस्वरूप उन्हें भारत का उपराष्ट्रपति बनाया गया।
इस बीच पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस आज राजभवन पहुंचे। राजभवन कोलकाता के मुताबिक, उन्होंने टीएमसी प्रतिनिधियों को मिलने के लिए बुलाया, लेकिन टीएमसी प्रतिनिधिमंडल ने आज मिलने से इनकार कर दिया। राज्यपाल ने टीएमसी प्रतिनिधिमंडल को कल शाम 4:00 बजे राजभवन में मिलने का समय दिया है।
क्या है मामला?
राजभवन के बाहर धरने का नेतृत्व कर रहे तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी ने रविवार को कथित भाजपा समर्थक आचरण के लिए राज्यपाल सीवी आनंद बोस की आलोचना की। उन्होंने मनरेगा के तहत राज्य की बकाया राशि के भुगतान पर संतोषजनक प्रतिक्रिया मिलने तक आंदोलन जारी रखने की बात भी कही।
राज्यपाल पर साधा निशाना
अभिषेक बनर्जी ने कथित तौर पर टीएमसी नेताओं को डराने-धमकाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग करने के लिए भाजपा की निंदा की। उन्होंने कहा कि हमें पता चला है कि राज्यपाल ने राजभवन के बाहर धरने पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार को पत्र लिखा है। उन्होंने धरना हटाने का आह्वान किया है। मेरा सवाल यह है कि जब भाजपा नेताओं ने राजभवन का इस्तेमाल किया तो लोकतांत्रिक मानदंडों के लिए उनकी चिंता कहां थी?
राज्यपाल ने कही यह बात
इस बीच बोस ने रविवार को कहा कि वह मनरेगा के काम से वंचित लोगों से मिलेंगे और उनकी शिकायतें नई दिल्ली के समक्ष उठाएंगे। राज्यपाल ने मुख्य सचिव एचके द्विवेदी को भी पत्र लिखकर पूछा कि क्या राजभवन के बाहर टीएमसी के चल रहे धरने के लिए अनुमति दी गई थी।
धनखड़ को लेकर कही यह बात
राज्यपाल की आलोचना जारी रखते हुए बनर्जी ने कहा कि उनके पूर्ववर्ती जगदीप धनखड़, जो अब भारत के उपराष्ट्रपति हैं, को अपने कार्यकाल के दौरान बंगाल के हितों का विरोध करने के लिए पुरस्कृत किया गया। उन्होंने कहा कि आप भाजपा के राज्यपाल नहीं हैं। आप बंगाल के राज्यपाल हैं। अतीत में सात मौकों पर भाजपा ने राजभवन तक मार्च किया था। क्या आपने तब पुलिस को कोई पत्र लिखा था?
लगातार चौथे दिन भी जारी रहा प्रदर्शन
इससे पहले तृणमूल कांग्रेस महासचिव के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं का राजभवन के समक्ष प्रदर्शन रविवार को लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। कार्यकर्ताओं ने जोर देकर कहा कि उनका प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक राज्यपाल सीवी आनंद बोस प्रदर्शन स्थल पर आकर उनसे नहीं मिलते हैं। तृणमूल कांग्रेस के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को दार्जीलिंग में राज्यपाल से मुलाकात की थी और उनसे मनरेगा योजना के तहत राज्य की बकाया राशि के भुगतान का मुद्दा केंद्र के समक्ष उठाने का आह्वान किया था।
केंद्रीय मंत्री और TMC में ठनी
पिछले दिन कोलकाता के दौरे पर आईं केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति और तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने मनरेगा के बकाए को लेकर नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री के साथ तृणमूल कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की निर्धारित बैठक को लेकर एक-दूसरे के बारे में झूठ बोलने का आरोप लगाया है।
आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू
केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल से दिल्ली में मुलाकात नहीं करने के आरोपों का खंडन करते हुए ज्योति ने कहा कि पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी राजनीति कर रही है जबकि वह चर्चा को तैयार हैं। वहीं, अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वह दिल्ली में बैठक को लेकर झूठ फैला रही हैं और जोर देकर कहा कि पार्टी उनसे राजभवन में मुलाकात करने को तैयार है।