एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, 31 जनवरी को समख्यारी में आयोजित धार्मिक समारोह में नफरती भाषण देने के मामले में अजहरी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। कार्यक्रम के लिए पुलिस ने अनुमति दी थी। लेकिन, उन्होंने जूनागढ़ कार्यक्रम की तरह वहां भी वैसा ही भाषण दिया। उन्होंने बताया कि कच्छ जिले में कार्यक्रम के सिलसिले में अजहर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 153बी (विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना) और 505 (2) (सार्वजनिक शरारत के अनुकूल बयान देना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
नफरती भाषण मामले में एक दिन के पुलिस रिमांड में भेजा गया अजहरी
गुजरात के जूनागढ़ शहर की एक अदालत ने मंगलवार को नफरती भाषण के मामले में मुंबई स्थित इस्लामी उपदेशक मुफ्ती सलमान अजहरी को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। मामले की जांच कर रही जूनागढ़ पुलिस ने अदालत में पेश किए जाने पर उसकी 10 दिन की हिरासत की मांग की थी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एसए पठान ने उपदेशक को बुधवार शाम 4 बजे तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
गुजरात पुलिस ने इस्लामी उपदेशक को 31 जनवरी की रात जूनागढ़ में एक खुले मैदान में आयोजित कार्यक्रम में कथित नफरती भाषण के लिए मुंबई से गिरफ्तार किया था। उनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। जिसके बाद पुलिस हरकत में आई। वीडियो वायरल होने के बाद अजहर और कार्यक्रम के आयोजकों मोहम्मद यूसुफ मलिक और अजीम हबीब के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मलिक और हबीब को शनिवार को गिरफ्तार किया गया था। जबकि, अजहरी को अगले दिन रविवार को गिरफ्तार किया गया। जूनागढ़ में दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों ने यह कहते हुए सभा के लिए पुलिस से अनुमति ली थी कि अजहरी धर्म के बारे में बात करेंगे और नशामुक्ति को लेकर जागरूकता फैलाएंगे। इसके बजाय उन्होंने एक भड़काऊ भाषण दिया।