रिपोर्ट में जंगलों को तीन वर्गों में रखा गया। जहां वृक्ष आवरण का घनत्व 70 प्रतिशत से अधिक है, उन्हें बेहद घने वन, जहां आवरण 40 से 70 प्रतिशत है उन्हें मध्यम घने वन और जहां आवरण 10 से 40 प्रतिशत है, उन्हें खुले वन का नाम दिया गया। उपग्रहों से मिले डाटा से आकलन हुआ, जो 23.5 मीटर तक के सूक्ष्म क्षेत्रफल का विश्लेषण कर सकता है। आंकड़ों की पुष्टि के लिए 2200 जगहों पर जाकर रिपोर्ट ली गई।
वनों को बचाने में दक्षिण भारतीय राज्यों ने देश के बाकी हिस्सों के लिए नजीर कायम की है। 1025 वर्ग किमी के साथ कर्नाटक ने देश में सबसे अधिक वन आवरण की वृद्धि की मिला। इसके बाद आंध्र प्रदेश 990 वर्ग किमी, केरल 823 वर्ग किमी, जम्मू कश्मीर 371 वर्ग किमी और हिमाचल प्रदेश 334 वर्ग किमी के साथ रहे।
और यहां घटे जंगल
अरुणाचल प्रदेश में 66,688 वर्ग किमी जंगल हैं जो 2017 के मुकाबले 276 वर्ग किमी कम हैं। इसी प्रकार मणिपुर में 16,847 वर्ग किमी जंगल हैं, जो पिछली बार से 499 वर्ग किमी कम हुआ। मिजोरम में 180 वर्ग किमी, मेघालय में 27, सिक्किम में दो और नागालैंड में भी तीन वर्ग किमी जंगल घटा।
यहां सबसे ज्यादा
देश में सबसे ज्यादा 77482 वर्ग किमी जंगल मध्यप्रदेश में है। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ 55,611 वर्ग किमी, ओडिशा 51,619, महाराष्ट्र 50,778 और कर्नाटक 38,575 वर्ग किमी के साथ आते हैं।
पहाड़ी जिलों में 40 प्रतिशत जंगल
2,84,006 वर्ग किमी के साथ देश के 140 पहाड़ी जिलों का कुल 40.30 प्रतिशत हिस्सा वन आवरण के रूप में रिपोर्ट में दर्ज हुआ है। इन जिलों की हरियाली में 0.19 वृद्धि भी हुई है।
जनजातीय जिलों में 37 प्रतिशत जंगल
देश के जंगल जनजातीय जिलों में सुरक्षित रहे। यहां 4,22,351 वर्ग किमी में जंगल हैं, जो इन जिलों के क्षेत्रफल का करीब 37.54 प्रतिशत यानी देश के औसत से बहुत ज्यादा है।
देश के पूर्वोत्तर राज्यों का 1,70,541 वर्ग किमी क्षेत्र वन आवरण में है। यह इन क्षेत्रों का 65.5 प्रतिशत है। हालांकि इसमें 765 वर्ग किमी की गिरावट भी आई है।
कार्बन स्टॉक सवा चार करोड़ टन बढ़ा
देश में कार्बन स्टॉक 712.6 करोड़ टन दर्ज हुआ है। इसमें 2017 के मुकाबले 4.26 करोड़ टन वृद्धि हुई हैै। कार्बन स्टॉक के मायने हैं कि जंगलों द्वारा कितनी कार्बन को जैविक पदार्थों में बदला जा रहा है। यह प्रक्रिया वातावरण से बढ़े कार्बन उत्सर्जन को घटाने में मदद करती है।
गुजरात, में सबसे ज्यादा वेटलैंड
देश के आरक्षित जंगलों में 3.83 प्रतिशत भूमि वेट लैंड है। कुल 62,466 वेटलैंड यहां मिले हैं। इनमें से सर्वाधिक 8.13 प्रतिशत गुजरात में हैं।
21 प्रतिशत जंगलों पर दावानल का खतरा
भारत के 21.40 प्रतिशत जंगलों को आग के खतरे की जद में भी यह रिपोर्ट बता रही है। पांच गुणा पांच वर्ग किमी की ग्रिड में जंगलों को बांटकर किए आकलन के अनुसार यहां आग लगने के जोखिम अधिक हैं।