लखीमपुर खीरी हिंसा को लेकर शिवसेना और टीएमसी सहित कई दलों ने भाजपा पर जमकर हमला बोला है। लखीमपुर खीरी में किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा में आठ लोगों के मारे जाने के एक दिन बाद शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि क्या किसानों को कुचलना और उनके समर्थन में खड़े विपक्षी नेताओं की आवाज दबाना भाजपा की नई रणनीति है? प. बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी भाजपा को निशाने पर लिया।
ममता बोलीं, क्या यही रामराज्य है?
प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि मैं इस घटना की भर्त्सना करती हूं। वे (भाजपा सरकार) लोकतंत्र में विश्वास नहीं रखते हैं, वे सिर्फ तानाशाही चाहते हैं। क्या यही रामराज्य है? नहीं, ये किलिंग राज्य है।
ओवैसी का एलान, मैं लखीमपुर-खीरी जाऊंगा
वहीं एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस घटना को लेकर भाजपा को घेरते हुए कहा कि उन लोगों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए मैं लखीमपुर खीरी जाऊंगा जिनकी मंत्री के बेटे ने हत्या की है। यहा एक जघन्य अपराध है। ओवैसी ने कहा कि हम इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं। हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज को इस जांच की निगरानी करनी चाहिए।
राउत ने पूछा- ऐसी क्रूरता कहां से आई
राउत ने मुंबई में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि जब मुंबई में साकी नाका में दुष्कर्म की घटना हुई, तो भाजपा ने हंगामा किया और हमने (राज्य सरकार) किसी को भी अपराध स्थल पर जाने से नहीं रोका। राउत ने सवाल उठाया कि किसानों को एक मंत्री के बेटे की कार से कथित तौर पर कुचल दिया गया। ऐसी क्रूरता कहां से आती है?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेताओं को लखीमपुर खीरी जाने से रोक दिया गया था, ताकि केंद्र के तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग के विरोध में किसानों के साथ एकजुटता दिखाई जा सके।
कहा- भाजपा सरकारें किसानों को मारती हैं
राउत ने पूछा, क्या भाजपा के पास किसानों को कुचलने और उनके साथ एकजुटता दिखाने वाले विपक्षी नेताओं की आवाज दबाने की नई रणनीति है? शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों के हितों की बात करते हैं, जबकि भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकारें किसानों को मारती हैं।
राउत ने लखीमपुर खीरी की घटना की तुलना क्रांतिकारी बाबू जेनु के मामले से की, जिन्हें स्वतंत्रता संग्राम के दौरान मुंबई में विरोध प्रदर्शन करते हुए एक ब्रिटिश ट्रक ने कुचल दिया था।
कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रियंका गांधी वाड्रा को हिरासात में लिए जाने पर कहा कि योगी यूपी में तानाशाह बनते जा रहे हैं। उन्हें (प्रियंका) गैरकानूनी रूप से हिरासत में रखा गया है और उन्हें छोड़ा जाना चाहिए। जिन अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में लिया उन्हें पकड़ा जाना चाहिए और जांच शुरू की जानी चाहिए। हम अपने नेता के साथ ऐसा बर्ताव बर्दाश्त नहीं करेंगे।