2023 तक 12 प्राइवेट ट्रेन चलाने का लक्ष्य
भारतीय रेलवे ने प्राइवेट ट्रेन योजना में मार्च 2023 तक 12 जोड़ी प्राइवेट ट्रेनों का संचालन का लक्ष्य रखा है। 2027 तक इसकी संख्या बढ़ाकर 151 की जाएगी। फिलहाल रेलवे अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर के सुधार पर जोर दे रहा है। रेलवे के कायाकल्प के लिए 2030 तक 50 लाख करोड़ रुपये के फंड की जरूरत है। इतना ज्यादा फंड इकट्ठा करने के लिए रेलवे ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को अपनाया है। रेलवे और सरकार को उम्मीद है कि निजी क्षेत्र के आने से डेवलपमेंट का कामकाज ज्यादा तेज होगा। इसके अलावा सर्विस क्वॉलिटी भी बेहतर होगी।
देश की पहली प्राइवेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस
देश की पहली प्राइवेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस है। इसकी शुरुआत 2019 में हुई थी। ये प्राइवेट ट्रेन नई दिल्ली और लखनऊ के बीच चलाई जाती है। इसका संचालन आईआरसीटीसी की तरफ से किया जा रहा है। सरकार ने प्राइवेट ट्रेन ऑपरेशन प्रोजेक्ट का लक्ष्य 30 हजार करोड़ रुपये रखा है। सरकार की कोशिश है कि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत इंडियन रेलवे को मॉडर्न और बेहतर किया जाए।