फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

Ayurveda: आईआईटी और सीएसआईआर जैसे संस्थान करेंगे आयुर्वेद में शोध, दुनिया भर के संस्थानों से होगा करार

डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 09 Aug 2024 07:44 PM IST

सार

Ayurveda: अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान और आयुष मंत्रालय मिलकर भारतीय पुरातन चिकित्सा पद्धति को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समूची दुनिया में आगे बढ़ा रहे हैं। एआईआईए की निदेशक प्रो. (डॉ.) तनुजा नेसरी ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई


गुरुवार को हुए इस करार के दौरान अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की निदेशक डॉक्टर तनुजा नेसारी ने बताया कि आयुर्वेद की चिकित्सा पद्धति को और बेहतर करने के लिए जिस वैज्ञानिक शोध और शिक्षा को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। वह इससे आगे बढ़ेगी। इस दौरान निजी तकनीकी शिक्षण संस्थान के साथ प्रौद्योगिकी और शोध कार्यक्रमों को बढ़ावा मिलेगा। संस्थान की निदेशक ने बताया कि इस तरीके का करार देश और दुनिया के अलग-अलग तमाम विश्वविद्यालय के साथ आगे भी किया जाना है।


अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान और आयुष मंत्रालय मिलकर भारतीय पुरातन चिकित्सा पद्धति को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समूची दुनिया में आगे बढ़ा रहे हैं। एआईआईए की निदेशक प्रो. (डॉ.) तनुजा नेसरी ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है और ये एमओयू इस दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा। आपसी ज्ञान और शोध को साझा करके हम विकास को बढ़ावा दे सकते है।


एआईआईए ने आयुर्वेद के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्तर के तकनीकी संस्थाओं और विश्विद्यालयों के साथ 40 एमओयू किए है। उन्होंने कहा कि जिसमें आईआईटी, सीएसआईआर जैसे बड़े संस्थान शामिल हैं। जबकि 17 अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन किए है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next