ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। इसे पनडुब्बी, पोत, विमान व धरती से लॉन्च किया जा सकता है। इसकी गति 2.8 मैक या ध्नवि की गति से तीन गुनी है। फिलीपीन समेत अन्य देशों ने ब्रह्मोस मिसाइल में रुचि दिखाई है।
भारतीय नौसेना ने अपने एक युद्धपोत से ब्रह्मोस मिसाइल का बुधवार को सफल परीक्षण किया। परिचालन तैयारियों के मद्देनजर नौसेना की तरफ से किए गए इस परीक्षण के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल सभी मापदंडों पर सफल रही। यह परीक्षण नौसेना की पूर्वी कमान के अंतर्गत बंगाल की खाड़ी में किया गया।
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नौसेना की तरफ से किए गए इस परीक्षण को चीन की तरफ से की जा रही समुद्री तैयारियों का जवाब माना जा रहा है। नौसेना इससे पहले भी विभिन्न क्षमताओं वाली ब्रह्मोस मिसाइलों का परीक्षण कर चुकी है। आर-क्लास विध्वंसक पोत व उसके शक्तिशाली हथियारों को स्वदेश में विकसित किया गया है। ये दोनों आत्मनिर्भर भारत के प्रतीक हैं और नौसेना की समुद्री क्षमता में इजाफा करते हैं। ये चीनी नौसेना की चुनौतियों के मुकाबले में पूरी तरह सक्षम हैं। एजेंसी
सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल
भारत-रूस के संयुक्त उद्यम ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्रा. लि. के अनुसार, ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। इसे पनडुब्बी, पोत, विमान व धरती से लॉन्च किया जा सकता है। इसकी गति 2.8 मैक या ध्नवि की गति से तीन गुनी है। फिलीपीन समेत अन्य देशों ने ब्रह्मोस मिसाइल में रुचि दिखाई है।