2017 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं, प्रदेश में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए कांग्रेस ने प्रशांत किशोर को रणनीतिकार बनाया है। इसी सब के बीच यह बात भी सामने आ रही है कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश के चुनाव में पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी को मुख्यमंत्री का चेहरा बना सकती है। हालांकि इन खबरों पर राहुल गांधी का कहना है कि आप लोग खबर चलाते हैं, तो आप लोग जानों मुझे इसकी जानकारी नहीं है।
Mujhe kya pata, aap hi log chalaate ho, aap hi log jaano: Rahul Gandhi on being asked if he or Priyanka Gandhi would be UP CM candidate
— ANI UP (@ANINewsUP) May 2, 2016
यह रणनीति प्रशांत किशोर की है जिनका मानना है कि अगर राहुल को कांग्रेस का चेहरा बनाया जाए तो उससे पार्टी की हालत और किस्मत दोनों चमक सकती है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस के सूत्रों ने कहा है कि प्रशांत का मानना है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी केंद्रीय सत्ता में तभी वापस आ सकती हैं जब लोगों को इस बात का यकीन हो जाए कि राहुल गांधी चुनाव में जीत दिलाने में सक्षम हैं।
रिपोर्ट के अनुसार प्रशांत का मानना है कि राहुल को सीएम पद का चेहरा बनाने वाले इस प्रयोग के लिए यूपी का विधानसभा चुनाव सही समय है। अगर राहुल इसके लिए नहीं मानते हैं तो प्रियंका को कांग्रेस का चेहरा बनाया जा सकता है। अगर दोनों भाई बहन यूपी में कांग्रेस का चेहरा बनने के लिए तैयार नहीं होंगे तो कांग्रेस शीला दीक्षित पर भी दांव खेल सकती है।
ऐसा माना जा रहा है कि अगले एक हफ्ते के भीतर उत्तर प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व में खासा फेरबदल हो सकता है। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार उत्तर प्रदेश से जुड़े फैसले 19 मई को पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद लिए जाएंगे।