मौसम विभाग ने बताया कि चक्रवात के प्रभाव के तहत, त्रिपुरा के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और दक्षिण असम और मेघालय, मणिपुर और मणिपुर के अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।
बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तटों पर चक्रवात जवाद का कम दबाव वाला क्षेत्र बना हुआ है। मौसम विज्ञान विभाग ने सोमवार को यह जानकारी दी।
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त्रिपुरा के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने बताया कि चक्रवात के प्रभाव के तहत, त्रिपुरा के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और दक्षिण असम और मेघालय, मणिपुर और मणिपुर के अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के महानिदेशक अतुल करवाल ने शनिवार को कहा कि चक्रवाती तूफान ‘जवाद’ का प्रभाव उतना मजबूत नहीं है, जितना कि इसकी उम्मीद थी और यह कमजोर भी हो रहा है।
कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने गुरुवार और शुक्रवार को राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए चक्रवात से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की थी और सभी एजेंसियों को इस बात का निर्देश दिया था कि वे ऐसे प्रबंध बनाकर रखें ताकि संपत्ति और जानमाल का नुकसान ने हो सके।