भारतीय विमानन कंपनियां अपना रहीं वैकल्पिक मार्ग।
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ईरान की नौसेना द्वारा इस्राइली अरबपति के कंटेनर से लदे जहाज पर कब्जा करने से पश्चिम एशिया में एक और युद्ध की आशंका बढ़ गई है। इस बीच, भारतीय विमानन कंपनियों ने भी एहतियात बरतना शुरू कर दिया है। भारतीय विमानन कंपनियां अपनी उड़ानों के लिए ईरानी हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने से बच रहे हैं। इसके स्थान पर उन्होंने वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना शुरू कर दिया है। हालांकि, इससे गंतव्य तक पहुंचने में अधिक समय लग रहा है। बता दें कि भारत से यूरोप, अमेरिका और पश्चिम एशिया जाने वाली उड़ानें ईरान के हवाई क्षेत्र से गुजरती हैं।
विस्तारा ने जारी किया बयान
विस्तारा के प्रवक्ता ने इस बाबत बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों की मौजूदा हालात को देखते हुए हम अपनी कुछ उड़ानों के मार्ग में बदलाव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम नियमित उड़ान मार्ग की जगह आकस्मिक मार्गों का उपयोग कर रहे हैं, जिन्हें ऐसी घटनाओं के दौरान परिचालन निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसके चलते कुछ मार्गों पर उड़ान का समय लंबा हो सकता है। स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर और बदलाव किए जाएंगे।
एयर इंडिया के विमान भी ईरानी हवाई क्षेत्र में जाने से बच रहे
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच न सिर्फ विस्तारा बल्कि एयर इंडिया के विमान भी शनिवार को ईरानी हवाई क्षेत्र का प्रयोग करने से बचते दिखे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एयर इंडिया के विमान एआई 161 ने सुबह साढ़े चार बजे दिल्ली से उड़ान तो भरी लेकिन उसने ईरान के ऊपर से उड़ान भरने की बजाय लंदन के लिए एक वैकल्पिक मार्ग लिया।
ईरान ने किया इस्राइल के जहाज पर कब्जा
इससे पहले, ईरान ने इस्राइल के एक अरबपति के मालवाहक जहाज पर कब्जा कर लिया है। कंटेनरों से लदा यह जहाज संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत आ रहा था और इस पर पुर्तगाली कंपनी एमएससी एरिज का झंडा लगा था। जहाज के चालक दल के 25 सदस्यों में से 17 भारतीय हैं, जिनकी सुरक्षित रिहाई के लिए भारत ईरान के अधिकारियों के संपर्क में है।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ईरना और तस्नीम ने ईरानी नौसेना की ओर से कार्गो जहाज पर कब्जे की पुष्टि की है। पुर्तगाली झंडे वाला यह जहाज लंदन की कंपनी जोडियाक मेरिटाइम से जुड़ा है। जोडियाक ग्रुप इस्राइली अरबपति इयाल ओफेर का है।
ईरानी दूतावास पर हमले के बाद बढ़ा तनाव
इस महीने के शुरू में इस्राइल ने सीरिया में ईरान के वाणिज्य दूतावास पर हमला किया था। इसमें कूद्द फोर्स के मुखिया रहे ईरानी सेना के एक शीर्ष जनरल समेत 12 लोग मारे गए थे। इस्राइल का आरोप था कि ये सैन्य अधिकारी हमास के अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। ईरान ने इस का बदला लेने का एलान किया था। माना जा रहा है कि हमास और हूती जैसे आतंकी संगठनों के जरिये वह इस्राइल पर हमला करा रहा है। एक दिन पहले ही हमास ने उत्तरी इस्राइल में 40 से ज्यादा रॉकेट दागे थे।