भारतीय वायु सेना को मिला LCA तेजस ट्विन-सीटर ट्रेनर एयरक्राफ्ट
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आज वायु सेना को एलसीए तेजस ट्विन-सीटर ट्रेनर एयरक्राफ्ट मिला है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के सीएमडी सीबी अनंतकृष्णन ने भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी को बंगलूरू में एलसीए तेजस ट्विन-सीटर ट्रेनर एयरक्राफ्ट सौंपा।
आईएएफ के प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने बताया कि तेजस फाइटर जेट के एलसीए मार्क 1A की 83 खेप के लिए एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किया है। चौधरी ने कहा, ‘हमने 83 एलसीए मार्क 1ए के लिए एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। हम ऐसे ही 97 और विमान चाहते हैं। इससे हमारे पास इसके 220 विमान हो जाएंगे।’ उन्होंने कहा कि एलसीए के इतनी संख्या में शामिल होना देश के लिए गर्व की बात है। अगले दो सालों तक मिग-21 लड़ाकू विमानों को बेड़े से बाहर कर दिया जाएगा।
आज का दिन एतिहासिक
रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा, 'आज एक एतिहासिक दिन है। मुझे एचएएल में होने और यहां किए गए सभी समझौतों को देखने पर बहुत गर्व होता है। हमने पहला एलसीए ट्विन-सीटर आईएएफ को सौंप दिया है।' उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले हम दूसरे देशों पर लड़ाकू विमानों के लिए निर्भर थे।
भट्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि भारत हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करे। हम आत्मनिर्भर बन रहे हैं। बाद में उन्होंने पत्रकारों से कहा कि आज HAL ने एक इतिहास रचा है। पीएम मोदी के नौ साल के कार्यकाल में हम एक के बाद एक सीढ़ी चढ़ते जा रहे हैं। एलसीए तेजस ट्विन-सीटर ट्रेनर एयरक्राफ्ट आज राष्ट्र को समर्पित हुआ है। यह एक एतिहासिक दिन है, इसे भुलाया नहीं जा सकता। ऐसे ही और 18 राष्ट्र को मिलने वाले हैं।
तेजस के LCA Mk-1A की खासियत जानिए
यह तेजस विमान का अपग्रेडेड वर्जन है। इसमें कई आधुनिक उपकरण लगे हैं। रडार वॉर्निंग रिसीवर, आत्मरक्षा के लिए जैमर पॉड सहित और भी कई खासियतें हैं। यह विमान हवा से हवा, हवा से सतह पर मार करने के लिए सबसे सटीक हथियार है। यह विमान वजन में भी हल्का है। इसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ही बनाएगा। यह अपनी श्रेणी का सबसे हल्का और सबसे छोटा बहुउद्देश्यीय सुपरसोनिक लड़ाकू विमान है।
दिल्ली में भारतीय नौसेना की स्वावलंबम 2023 प्रदर्शनी आयोजित
वहीं दूसरी ओर दिल्ली के भारत मंडपम में भारतीय नौसेना की स्वावलंबम 2023 प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। इसमें भारतीय सेना के हथियारों का जमकर प्रदर्शन किया जा रहा है। गुरुत्वा सिस्टम के अक्षय जैन ने बताया कि द्रोणाम काउंटर-ड्रोन सिस्टम को नई दिल्ली में भारतीय नौसेना की स्वावलंबन 2023 प्रदर्शनी में रखा जाएगा। भारतीय वायु सेना ने बड़ी संख्या में इसके लिए ऑर्डर दिया है। उन्होंने बताया कि इन्हें भारतीय वायु सेना द्वारा जी-20 शिखर सम्मेलन में भी तैनात किया गया था। यह पूरी तरह से स्वदेशी है और 2021 में आईडीईएक्स प्रतियोगिता जीती है।
एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय नौसेना ने एक एंटी-स्वार्म ड्रोन 30 मिमी गोला-बारूद विकसित किया है, जो दुश्मनों के सैकड़ों ड्रोन से बचाने में मदद करेगा। 30 एमएम बारूद का इस्तेमाल एके-630 हथियारों में किया जाता है। गोला-बारूद को पुणे में एक रक्षा अनुसंधान प्रयोगशाला के साथ साझेदारी में तैयार किया गया है और आज भारत मंडपम में भारतीय नौसेना की स्वावलंबम 2023 प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया है।