पवार ने कहा कि मानव जाति की भलाई के लिए लंबे समय तक चलने वाले सकारात्मक प्रभाव पैदा करने की दिशा में एससीओ के सामूहिक प्रयास नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा की गारंटी देंगे और आर्थिक विकास के लिए वैश्विक स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलेगी और चुनौतियों से निपटने के लिए एक संयुक्त मोर्चे को प्रोत्साहन मिलेगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री भारती प्रवीण पवार ने शुक्रवार को शंघाई कॉरपोरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) के सदस्य देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक के छठे सत्र की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने सदस्य देशों से चिकित्सा यात्रा (Medical Value Travel) की संभावना को मान्यता देने का आह्वान किया।
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एक आधिकारिक बयान में भारती पवार के हवाले से कहा गया है कि मजबूत निगरानी प्रणाली की स्थापना करना, अनुसंधान और विकास में सहयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ एससीओ देशों में चिकित्सा समस्याओं से निपटने के लिए महत्वपूर्ण उपायों को अपनाना वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में अहम कदम होगा। बयान में कहा गया है कि उन्होंने एससीओ सदस्य देशों से चिकित्सा यात्रा की संभावना को मान्यता देने का आह्वान किया ताकि क्षेत्र में बेहतरीन पद्धतियों में समन्वय और आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जा सके।
एससीओ के सामूहिक प्रयास से मानवता की होगी भलाई: भारती पवार
पवार ने कहा कि मानव जाति की भलाई के लिए लंबे समय तक चलने वाले सकारात्मक प्रभाव पैदा करने की दिशा में एससीओ के सामूहिक प्रयास नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा की गारंटी देंगे और आर्थिक विकास के लिए वैश्विक स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलेगी और चुनौतियों से निपटने के लिए एक संयुक्त मोर्चे को प्रोत्साहन मिलेगा।
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बयान के अनुसार, पवार ने कोविड-19 के कारण वैश्विक स्वास्थ्य सेवा के समक्ष उत्पन्न अभूतपूर्व चुनौतियों को रेखांकित करते हुए कहा कि इसके प्रभाव को कम करने के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण और वैश्विक सहयोग की आवश्यकता है। भारती प्रवीण ने कहा कि तथ्य यह है कि चुनौतीपूर्ण समय के बावजूद आज हम यहां एकजुट हैं और एक-दूसरे के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह हमारे समर्पण और लचीलेपन का सबूत है।
प्रौद्योगिकी की भूमिका पर दिया जोर
स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रौद्योगिकी की भूमिका को रेखांकित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डिजिटल माध्यम से स्वास्थ्य सेवा के अंतर को खत्म किया जा सकता है। एससीओ देशों के भीतर डिजिटल व्यवस्था को साझा करने से सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिल सकती है और यह स्वास्थ्य सेवा में उन्नत प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से हो सकता है।
उन्होंने गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) के बोझ को दूर करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि एससीओ सदस्य देशों के बीच स्वास्थ्य देखभाल के सभी स्तरों पर जीवन शैली में सुधार, व्यवहार परिवर्तन और सदस्य देशों की एनसीडी सेवाओं के एकीकरण के माध्यम से इनका समग्र प्रबंधन किया जा सकता है।