रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की अग्नि-4 मिसाइल चीन और पाक की मुश्किलें बढ़ाने को तैयार है। डीआरडीओ ने शुक्रवार को ओडिशा तट के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का सफल परीक्षण किया। रक्षा सूत्रों के मुताबिक परीक्षण के दौरान अग्नि-4 मिसाइल ने सभी परिचालन और तकनीकी मापदंडों को सफलतापूर्वक पूरा किया। अग्नि-4 का पहला सफल परीक्षण 15 नवंबर 2011 में हुआ था। उसके बाद ताजा परीक्षण मिलाकर इसके कुल 8 परीक्षण हो चुके हैं।
स्ट्रैटेजिक फोर्स कमांड ने इस बारे में जानकारी दी। कमांड ने कहा कि यह एक रूटीन परीक्षण था। इससे पहले जून 2022 में भी एक परीक्षण किया गया था। भारत इस परीक्षण के जरिये बताना चाहता है कि वह अपने विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोध क्षमता को कायम रखेगा। 66 फीट लंबी व 17000 किलो वजनी अग्नि-4 अपने रेंज की दुनिया की अन्य मिसाइलों की तुलना में हल्की है। इसे डीआरडीओ और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड ने मिलकर बनाया है। इसमें एक टन का हथियार लोड किया जा सकता है।
इस मिसाइल की मदद से दुश्मन पर तीन तरह के हथियार- पारंपरिक, थर्मोबेरिक और स्ट्रैटेजिक एटमी हथियार दागे जा सकते हैं। अग्नि-4 मिसाइल 3500 से 4000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है। यह 900 किलोमीटर की ऊंचाई तक सीधी उड़ान भर सकती है। हमला करते समय यह लक्ष्य के 100 मीटर के दायरे में आने वाली सभी वस्तुओं को खाक कर देती है।