एक सर्वे में खुलासा हुआ है कि भारत में शीर्ष 10 फीसदी शहरी परिवार 1.5 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं जबकि गरीबी में जी रहे परिवारों की संपत्ति महज 2,000 रुपये ही है। ये आंकड़ा शहरों में अमीर और गरीब के बीच के गहरे विभाजन को दर्शाता है।
हालांकि, ग्रामीण इलाकों स्थिति थोड़ी बेहतर है। यहां शीर्ष 10 फीसदी परिवारों के पास 81.17 लाख रुपये की संपत्ति है जबकि निचले स्तर पर परिवार 41 हजार रुपये की संपत्ति के मालिक हैं। ये आंकड़े ऑल इंडिया डेब्ट एंड इनवेस्टमेंट सर्वे 2019 में आया है जिसे सांख्यिकी मंत्रालय के विभाग एनएसओ ने संचालित किया था।
सर्वे में सामने आया कि ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों की स्थिति शहरी क्षेत्रों के गरीबों से कहीं बेहतर है। शहरी क्षेत्र के गरीब परिवार महज 2000 रुपये की संपत्ति के मालिक हैं। विभाग ने ये सर्वे नेशनल सैंपल सर्वे के तहत जनवरी-दिसंबर 2019 में किया था।
इस सर्वे के का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना था कि जून 2018 तक परिवारों के पास कितनी संपत्ति और कितनी देनदारी है। ये सर्वे बड़े पैमाने पर किया गया था। इसमें 5940 गांवों के 69,455 परिवार शामिल थे। जबकि शहरी क्षेत्रों ते 3995 ब्लॉक के 47006 परिवारों को सर्वे में कवर किया गया था।