फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

India-Qatar: दिल्ली में भारत-कतर के बीच मंथन, 12 मिराज-2000 लड़ाकू विमानों की खरीद के प्रस्ताव पर हुई चर्चा

Fri, 21 Jun 2024 09:48 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

India-Qatar: भारत और कतर के बीच 12 मिराज-2000 लड़ाकू विमान के बिक्री के प्रस्ताव पर चर्चा की गई है। रक्षा सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में भारतीय अधिकारियों के सामने 12 मिराज-2000 विमानों की मौजूदा स्थिति पर एक प्रेजेंटेशन दिया गया।
विज्ञापन
भारत-कतर ने मिराज-2000 की खरीद के प्रस्ताव की चर्चा - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली में शुक्रवार को भारत और कतर के सदस्यों को 12 मिराज-2000 विमान के मौजूद स्थिति की जानकारी दी गई। इस दौरान बताया गया कि सभी विमान अच्छी स्थिति में है और उनमें अभी भी बहुत समय बचा है। रक्षा सूत्रों ने बताया कि भारतीय पक्ष अपने विमानों की भारतीय मिराज-2000 विमानों के बेड़े के साथ अनुकूलता को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव पर विचार कर रहा है, जो फिलहाल प्रस्तावित विमानों की तुलना में अधिक विकसित है।
विज्ञापन


12 लड़ाकू विमानों के लिए 5 हजार करोड़ की पेशकश
हालांकि भारतीय और कतर दोनों विमानों के इंजन एक जैसे हैं और अगर भारत उन्हें खरीदने का फैसला करता है तो सेवा के लिए उनका रखरखाव आसान होगा। कतर पक्ष 12 लड़ाकू विमानों के लिए लगभग 5,000 करोड़ रुपये की पेशकश कर रहा है, लेकिन भारतीय पक्ष उचित मूल्य पर लड़ाकू विमानों को खरीदने का इच्छुक है। वहीं कतर के विमानों को भारतीय पक्ष को मिसाइलों और उड़ान संचालन के लिए अतिरिक्त इंजनों के साथ पेश किया जा रहा है।

भारतीय वायु सेना के मिराज बेड़े में होगी बढ़ोत्तरी 
इस दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विमानों का उपयोग उड़ान संचालन के लिए किया जाना है, न कि स्पेयर और रखरखाव आवश्यकताओं के लिए। बता दें कि भारतीय वायु सेना को कोविड अवधि के दौरान एक फ्रांसीसी विक्रेता से सेकेंड-हैंड सौदे में बड़ी संख्या में स्पेयर और उपकरण मिले थे। वहीं कतर के सौदे से भारतीय वायु सेना को अपने बेड़े में मिराज की संख्या 60 तक ले जाने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन


भारतीय वायु सेना का मुख्य आधार है मिराज 
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में होम बेस के साथ मिराज लड़ाकू विमान का बेड़ा भारतीय वायु सेना का मुख्य आधार रहा है और मिराज लड़ाकू विमान की ताकत से कारगिल युद्ध और बालाकोट हवाई हमलों जैसे प्रमुख ऑपरेशन को अंजाम देने में काफी मदद मिली है और चीन के साथ एलएसी पर भी उत्तरी सीमा पर मिराज लड़ाकू विमान काफी कारगर साबित हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें