लक्षद्वीप में नया एयरपोर्ट बनाने की तैयारी
- फोटो : सोशल मीडिया
मालदीव के साथ जारी विवाद के बीच एक अहम खबर सामने आई है। दरअसल भारत सरकार लक्षद्वीप के मिनिकॉय द्वीप पर नया एयरपोर्ट बनाने की योजना बना रही है। इस एयरपोर्ट के बनने से लक्षद्वीप में पर्यटन बढ़ने की उम्मीद है। खास बात ये है कि नया एयरपोर्ट नागरिक उद्देश्य के साथ ही सैन्य उद्देश्य के लिए भी होगा और यहां से नागरिक विमानों के साथ ही सैन्य विमान भी संचालित हो सकेंगे। भारतीय तटरक्षक बल ने पहले सरकार को मिनिकोय द्वीप पर हवाई पट्टी बनाने का सुझाव दिया था, लेकिन अब ताजा प्रस्ताव में भारतीय वायुसेना को यहां प्रमुख तौर पर संचालन दिया जाएगा।
नागरिक के साथ ही सैन्य विमानों का भी होगा संचालन
नए हवाईअड्डे के बारे में एक सरकारी अधिकारी ने बताया, योजना के तहत लक्षद्वीप के मिनिकोय द्वीप पर ऐसा हवाईअड्डा विकसित किया जाएगा जो सेना के युद्धक विमान, वाणिज्यिक विमान और सामान्य नागरिक परिवहन विमानों के इस्तेमाल में आ सके। अधिकारी ने बताया, मिनिकोय में नई हवाईपट्टी के लिए अतीत में भी प्रस्ताव आए हैं लेकिन सेना और नागरिक दोनों के इस्तेमाल का प्रस्ताव नए सिरे आया है और इसपर तेजी से काम हो रहा है। दरअसल, अभी लक्षद्वीप के अगत्ती में एक हवाईपट्टी है जहां कोच्चि से सप्ताह में छह दिन नागरिक विमान का संचालन होता है। देश के अन्य शहरों से यहां के लिए कोई उड़ान नहीं है।
नई पर्यटन योजनाएं बढ़ाएंगी सुविधाएं
लक्षद्वीप में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने नयी परियोजनाओं को अनुमति दी है। 36 द्वीपों के इस समूह में 10 द्वीपों पर मानव आबादी है। यहां सोसाइटी ऑफ प्रमोशन ऑफ नेचर, टूरिज्म एंड स्पोर्ट्स के जरिए सरकार पर्यटकों के लिए सेवाएं बढ़ा रही है। स्मार्ट सिटी के तहत 90 कमरों का होटल प्रस्तावित है। निजी क्षेत्र द्वारा देश की पहला वाटर विला परियोजना भी बनाई गई है।
मालदीव से विवाद के बाद चर्चा में लक्षद्वीप
मिनिकॉय में एयरपोर्ट बनने से लक्षद्वीप में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। अभी लक्षद्वीप के अगात्ती द्वीप पर हवाई पट्टी मौजूद है, लेकिन उस पट्टी पर सभी तरह के विमानों का संचालन नहीं हो सकता। हाल ही में पीएम मोदी के लक्षद्वीप दौरे के बाद से भी यह केंद्र शासित प्रदेश चर्चा में छाया हुआ है। सोशल मीडिया पर पीएम मोदी की तस्वीरें देखकर लोग लक्षद्वीप की तुलना मालदीव से कर रहे हैं। इसे लेकर विवाद भी हो गया क्योंकि मालदीव के कुछ नेताओं ने पीएम मोदी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिस पर भारत सरकार ने कड़ी आपत्ति जताई है। विवाद के बाद मालदीव सरकार ने भी पीएम मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मंत्रियों को पद से हटा दिया है।