देश में बीते 24 घंटे में 13,272 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। इस दौरान 13,900 मरीज महामारी से उबर भी गए। हालांकि शुक्रवार की तुलना में शनिवार को संक्रमण दर बढ़कर 4.21 पर पहुंच गई।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार सुबह 8 बजे अपडेट आंकड़ों के अनुसार सक्रिय केस की संख्या 1,01,166 रही। शुक्रवार को देश में 15,754 नए कोरोना केस मिले थे। उसके मुकाबले आज कुछ कम केस मिले हैं, हालांकि दैनिक संक्रमण दर में बढ़ोतरी हुई है। शुक्रवार को दैनिक संक्रमण दर 3.47 फीसदी थी।
देश में अब कुल कोरोना केस बढ़कर 4,43,27,890 हो गए हैं। इनमें सक्रिय केस 0.23 फीसदी हैं। कोरोना से रिकवरी रेट 98.58 फीसदी है। अब तक कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या 4,36,99,435 हो गई है।
24 घंटे में 36 मौतें
कोविड-19 से मरने वालों की संख्या बढ़कर 5,27,289 हो गई। बीते 24 घंटे में 36 मौतें हुईं। टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 209.40 करोड़ से अधिक वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी हैं।
कोरोना के बाद बढ़े मनोरोग
उधर, एक अध्ययन में दावा किया गया है कि दुनियाभर में कोरोना संक्रमित रोगियों में न्यूरोलॉजिकल और मनोरोग से जुड़े जोखिम बढ़े हैं। इनमें मनोविकृति, मनोभ्रंश, ब्रेन फॉग इत्यादि शामिल हैं। करीब 12 लाख से भी अधिक कोरोना मरीजों के चिकित्सकीय दस्तावेज की समीक्षा में पता चला है कि मरीजों में अन्य श्वसन रोगों की तुलना में संक्रमण के बाद न्यूरोलॉजिकल और मनोरोग से जुड़े जोखिम बढ़ रहे हैं। द लैंसेट जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में यह भी पता चला है कि वयस्कों में अवसाद और चिंता के मामले काफी बढ़े हैं और ये कम से कम दो माह तक रोगियों में देखने को मिल रहे हैं। अध्ययन के अनुसार, जब से कोरोना महामारी शुरू हुई है तब से इस बात के प्रमाण बढ़ रहे हैं कि बचे लोगों में न्यूरोलॉजिकल और मनोरोग संबंधी स्थितियों का खतरा बढ़ सकता है।
ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हैरिसन पॉल ने बताया, कई मरीजों में न्यूरोलॉजिकल और मनोरोग से जुड़े जोखिम कम से कम दो साल तक रह सकते हैं। साथ ही पता चल रहा है कि कोरोना संक्रमण से जुड़ी न्यूरोलॉजिकल स्थितियों के नए मामले महामारी थमने के बाद काफी समय तक होने की आशंका है। अध्ययन के दौरान कुल 12,84,437 मरीजों के चिकित्सीय दस्तावेजों को शामिल किया गया। जिसमें 185,748 बच्चे और 18 से 64 वर्ष के बीच आयु वाले 856,588 वयस्क शामिल थे।