15 अगस्त, 1947। यही वो दिन था, जिस दिन हमें अंग्रेजों की गुलामी से आजादी मिली। हालांकि अंग्रेजों ने जाते-जाते मुल्क के दो टुकड़े कर उसे भारत और पाकिस्तान में बांट दिया। भारत के नक्शे और उसकी सीमाओं की बात करें तो सात दशक के सफर में काफी कुछ बदला है। समय के साथ लगातार इसमें बदलाव आते रहे। हालांकि अंतरराष्ट्रीय सीमा की बात करें तो भारतीय मानचित्र में बहुत बदलाव नहीं आया, लेकिन देश के भीतर राज्यों की सीमाओं में परिवर्तन की प्रक्रिया आजादी के बाद से ही चलती रही।
जरूरत और मांग के हिसाब से नए-नए राज्यों का गठन होता रहा। हाल ही में जम्मू कश्मीर और लद्दाख को अलग कर उन्हें केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया। वर्तमान में देश में 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं। आइए जानते हैं आजादी के बाद से इस लंबे सफर में भारतीय नक्शे की रूपरेखा कैसे बदलती रही।
देश की बाहरी सीमा में आए ये तीन बड़े बदलाव
- साल 1947 के बाद से भारत की बाहरी सीमा की बात करें तो उसमें कम ही बदलाव आए। हालांकि इस दौरान पीओके में पाकिस्तान और 1962 में चीन की साजिश का दंश भी हमें झेलना पड़ा। आजादी के बाद से अब तक बाहरी सीमा में तीन बड़े बदलाव आए।
- 1961 में गोवा को भारत में शामिल किया गया। 19 दिसंबर, 1961 को भारतीय सेना ने इस क्षेत्र को मुक्त करवाया और गोवा भारत में शामिल हुआ।
- इसके एक साल बाद ही पोंडिचेरी अब पुडुचेरी आधिकारिक रूप से भारत में शामिल हुआ।
- आजादी मिलने के कई साल बाद भी सिक्किम भारत का हिस्सा नहीं था। 1975 में वह भारत में शामिल हुआ। 1947 में हुई संधि के मुताबिक सिक्किम की आजादी बरकरार रखी गई थी।
- मगर सिक्किम में व्यापक आंदोलन के बाद 16 मई 1975 को उसे भारत के 22वें राज्य के तौर पर शामिल किया गया।