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योजना: अगले कुछ हफ्तों में कोविशील्ड और कोवैक्सीन लगने की बदलेगी टाइमिंग, इसलिए होगा ऐसा

सार

कोवैक्सीन और कोवीशील्ड वैक्सीन के मिक्स एंड मैच ट्रायल के बाद होगा ऐसा। तीन महीने में पूरी होगी रिसर्च।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देश में कोरोना से बचाव को लेकर लगाई जाने वाली वैक्सीन का इंटरवल एक बार फिर बदल दिया जाएगा। ऐसा कोवाक्सीन और कोविशील्ड वैक्सीन के मिक्स एंड मैच ट्रायल के बाद होगा। शोधकर्ताओं का कहना है कि जब मिक्स एंड मैच ट्रायल का रिसर्च पूरा हो जाएगा, उसके बाद दी जाने वाली वैक्सीन के बीच का इंटरवल टाइम तय किया जाएगा। 

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गौरतलब है कि तीन महीने पहले उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में भूलवश कुछ लोगों को अलग-अलग वैक्सीन की डोज लगा दी गई थी। इसमें एक डोज कोवाक्सीन की थी तो दूसरी डोज कोविशील्ड की लगा दी गई। ऐसा होने के बाद आईसीएमआर और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अलग-अलग वैक्सीन लगने पर भी किसी भी तरह का साइड इफेक्ट न होने की बात कही थी। टीकाकरण अभियान से जुड़े विशेषज्ञों के मुताबिक, उसी वक्त तय हो गया था कि आने वाले वक्त में मिक्स एंड मैच के आधार पर टीकाकरण किया जाएगा। देश के अलग-अलग संस्थानों में वैक्सीनेशन पर काम करने वाले विशेषज्ञों का कहना था कि अगर एक ही बीमारी से निपटने के लिए अलग-अलग कंपनियों के टीके हैं या टीका बनाने की उनकी प्रक्रिया व्यवस्था भी अलग है तो भी ये अलग-अलग वैक्सीन की डोज किसी को दी जा सकती है।

देश में टीकाकरण अभियान को मॉनिटर करने वाली कमेटी के चेयरपर्सन डॉक्टर एनके अरोड़ा का कहना है कि तीन महीने के बाद मिक्स एंड मैच ट्रायल के परिणाम सामने आ जाएंगे। उनका कहना है कि इससे पहले भी देश के कुछ अलग अलग राज्यों में भूलवश ही सही, लेकिन अलग-अलग कंपनियों की वैक्सीन के डोज लग चुके हैं। इसके कोई भी दुष्परिणाम सामने नहीं आए। डॉक्टर अरोड़ा कहते हैं कि जब बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया जाता है तो इस तरीके की मिक्स एंड मैच वैक्सीनेशन ड्राइव को भी ध्यान में रखा जाता है। 
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आईसीएमआर और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के विशेषज्ञों के मुताबिक, कुछ महीने बाद मिक्स ट्रायल के परिणाम आने के बाद उसको लागू कर दिया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि जब मिक्स एंड मैच वैक्सीन लोगों को लगाई जाएगी तो वैक्सीन के इंटरवल में भी बदलाव किया जाएगा। अभी कोवाक्सीन टीके में एक महीने से कम का इंटरवल है, जबकि कोविशील्ड में तकरीबन तीन महीने से चार महीने का इंटरवल है। शोध के दौरान मिक्स एंड मैच ट्रायल में वैक्सीन को दिए जाने के बीच के इंटरवल को भी एक्सेस किया जाएगा। शोधकर्ताओं के मुताबिक, इस शोध के बाद वैक्सीन के इंटरवल के टाइम में भी बदलाव किया जाना होगा। हालांकि, यह इंटरवल कितना होगा इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है। 

टीकाकरण प्रक्रिया पर नजर रखने वाली टीम के मुखिया डॉ. एनके अरोड़ा कहते हैं कि इंटरवल में किस तरीके का बदलाव होगा, इस पर फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता। यह तय है कि शोध में इंटरवल को भी आधार बनाया जा रहा है।

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