फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

केरल: गैर-हिंदू महिला को मंदिर उत्सव में नृत्य करने से रोका, हिंदू नृत्यांगना ने भी किया परफॉर्म करने से इनकार 

Fri, 01 Apr 2022 11:06 PM IST
Amit Mandal एएनआई, हैदराबाद

सार

इस घटना का विरोध करते हुए अंजू अरविंद ने कहा कि जब मैं परफॉर्म करती हूं तो मुझे नहीं लगता कि मैं हिंदू हूं या मुस्लिम। कोई भी कलाकार ऐसा महसूस नहीं करता है। 
विज्ञापन
Anju Arvind - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केरल के कूडलमानिक्यम मंदिर में प्रस्तुति देने वाली नर्तकी ने मानसिया वीपी के साथ एकजुटता दिखाते हुए संगीत और नृत्य उत्सव से अपना हाथ खींच लिया है। मानसिया को कथित तौर पर गैर-हिंदू होने के कारण मंदिर में प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई थी। केरल की भरतनाट्यम नृत्यांगना अंजू अरविंद ने कहा कि कलाकारों का कोई धर्म नहीं होता है। मैं मानसिया के साथ एकजुटता के साथ खड़ी हूं। बता दें कि अंजू की बचपन की दोस्त और अन्य सभी कलाकारों को इरिंजालकुडा में प्रसिद्ध कूडलमानिक्यम मंदिर द्वारा नृत्य और संगीत के 10 दिवसीय राष्ट्रीय महोत्सव की आयोजन समिति द्वारा दरकिनार कर दिया गया। 

विज्ञापन


मुझे नहीं लगता कि मैं हिंदू हूं या मुस्लिम
अंजू ने कहा, मानसिया एक मजबूत महिला हैं। वह और अधिक ऊर्जा के साथ वापसी करेंगी। हम सभी उनके और इस समिति द्वारा दरकिनार किए गए सभी कलाकारों के साथ हैं। यह कहते हुए कि इस घटना ने उन्हें सकते में डाल दिया, अंजू ने कहा कि हम चाहते हैं कि वे अपने पुराने नियमों को अपडेट करें और लोगों को इंसानों के रूप में देखें। मैं एक कलाकार हूं। जब मैं परफॉर्म करती हूं तो मुझे नहीं लगता कि मैं हिंदू हूं या मुस्लिम। कोई भी कलाकार ऐसा महसूस नहीं करता है। 

मानसिया और अंजू 21 अप्रैल को मंदिर में करने वाली थीं नृत्य
मानसिया और अंजू दोनों 21 अप्रैल को मंदिर में शास्त्रीय नृत्य करने वाली थीं। हैदराबाद से पीएचडी कर रही अंजू ने कहा कि सब कुछ हो जाने के बाद चयन से लेकर पोस्टर छापने तक, वे अब कह रहे हैं कि वह प्रदर्शन नहीं कर सकती क्योंकि वह एक गैर-हिंदू है। ये लोग कह रहे हैं कि उनके नियमों का पालन करना होगा। वे ब्रोशर पर उसका नाम डालने से पहले जांच कर सकते थे। हमने अपना सारा विवरण दे दिया था। 
विज्ञापन


इसने मुझे वाकई हिला दिया
मानसिया का समर्थन करते हुए अंजू ने कहा, मैंने यह फैसला लिया कि मैं उस मंच पर प्रदर्शन नहीं करूंगी क्योंकि हम सभी जानते हैं कि केरल में बहुत कुछ हुआ है। उन्होंने मानसिया को दरकिनार कर दिया क्योंकि वह एक गैर-हिंदू समुदाय से हैं। इसने मुझे वाकई हिला दिया। हम कलाकारों का कोई धर्म नहीं होता और मैं यही मानती हूं। हाल ही में एक और घटना के बारे में बताते हुए अंजू ने कहा कि मेरी एक दोस्त मेरी ओर से समिति में गई थी। उन्होंने उसे लिखने के लिए कहा कि मैं एक हिंदू हूं। उसने सचमुच वहीं लिखा और अपने हस्ताक्षर भी किए थे। मैं इसे और नहीं बर्दाश्त कर सकती। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें