इमरान खान ने किया था खुलासा
साल 2019 में पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने अमेरिका यात्रा के दौरान यह बयान दिया था कि लादेन के ठिकाने की सूचना लीक की गई थी। पाकिस्तान ने ही अमेरिका को वह जानकारी दी थी। अमेरिकी सील्स कमांडो की एक पॉकेट गाइड, जो लादेन के ठिकाने से बरामद हुई थी, उसमें भी ऐसी जानकारी लिखी थी। एब्टाबाद के जिस मकान में लादेन रहता था, वहां रहने वाले दूसरे सदस्यों के नाम, उनकी आयु और हुलिया भी लिखा था। पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री रहमान मलिक भी ऐसा ईशारा कर चुके हैं कि घर के किसी भेदिये ने ओसामा बिन लादेन को धोखा दिया था। अमेरिका के पास लादेन के ठिकाने की पुख्ता सूचना पहुंचने के बाद ही 2011 में उसे मारने का प्लान तैयार किया गया था। अमेरिका के दौरे से लौटने के एक साल बाद इमरान खान ने पाकिस्तान की संसद में ओसामा बिन लादेन को शहीद कह दिया था। इमरान खान ने कहा था, अमेरिका उस वक्त जबरदस्ती हमारे घर में घुसा था। उसने हमारे एक आदमी को मार गिराया था। आज तालिबान की सरकार में जो बड़े आतंकी चेहरे नजर आ रहे हैं, उनकी ट्रेनिंग पाकिस्तान में हुई है।
तालिबान का कब्जा होने के बाद अफगानिस्तान में सबसे ज्यादा हस्तक्षेप पाकिस्तान का देखने को मिल रहा है। काबुल में आईएसआई चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद की मुल्ला बरादर से हुई मुलाकात किसी से छिपी नहीं है। रक्षा विशेषज्ञ ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता (रिटायर्ड) का कहना है, मौजूदा परिस्थितियों में आज कोई भी सरकार या संगठन, पाकिस्तान पर भरोसा नहीं करना चाहता। सभी देश, पाकिस्तान के छल कपट से वाकिफ हैं। तालिबान की सरकार में कुछ लोग ऐसे हैं, जो इस बात को समझते हैं, लेकिन वे अभी आगे बढ़ने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसी संभावना है कि आने वाले समय में उनकी आवाज बाहर निकलेगी। चीन को भले ही पाकिस्तान 'अपना' मान रहा है, लेकिन यहां भी वह गलतफहमी में है। जिस दिन चीन के प्रोजेक्ट पूरे हो जाएंगे, वह पाकिस्तान को पूछेगा नहीं। पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप का वह बयान सभी ने पढ़ा है कि अमेरिका द्वारा दी गई सहायता राशि को पाकिस्तान ने आतंकियों की मदद पर खर्च कर दिया है। अफगानिस्तान में भी पाकिस्तान ने सब कुछ दांव पर लगा दिया है।