इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद नौ मई को पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के समर्थकों ने नौ मई को सैन्य प्रतिष्ठानों पर अभूतपूर्व हमला किया था। जिसके बाद से अटकलें लगाई जा रही थीं कि पार्टी के सदस्यों को जनवरी 2024 में आम चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
काकर ने यहां पत्रकारों से कहा, सरकार की पीटीआई पर प्रतिबंध लगाने की कोई योजना नहीं है। सरकार इस तरह की कोई गैरकानूनी हरकत कैसे कर सकती है? इमरान के सभी वफादारों को चुनाव में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने भी दलों को समान अवसर सुनिश्चित करने का भी संकल्प लिया।
चुनाव आयोग (ईसीपी) ने आम चुनावों के लिए जनवरी 2024 के अंतिम सप्ताह की घोषणा की है। हालांकि, इसने अभी तक कोई तय तारीख नहीं दी है। पीटीआई और पीपीपी (पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी) लंबे समय से चुनाव आयोग से चुनाव के लिए एक तय तारीख देने की मांग करती रही है।
इन पार्टियों ने चुनाव आयोग के इरादों पर संदेह जताते हुए आरोप लगाया कि पीएमएल-एन सुप्रीम नवाज शरीफ की कानूनी बाधाओं के हल होने के बाद वह तारीख की घोषणा कर सकती है। नवाज शरीफ ब्रिटेन में चार साल के आत्म-निर्वासन के बाद देश लौटे हैं, जिसे उनके प्रतिद्वंद्वियों ने सैन्य प्रतिष्ठान के साथ एक समझौता कहा है।
इमरान खान 15 अगस्त के बाद से जेल में बंद हैं। वह गोपनीय राजनयिक केबल (साइफर) मामले में अभी रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। मंगलवार को उनके वकील ने उनके हवाले से कहा कि जेल में उन्हें धीमा जहर दिया जा सकता है।
काकर ने इस धारणा को भी खारिज किया है कि सत्ता प्रतिष्ठान की पार्टी होने के नाते पीएमएल-एन को तरजीह दी जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा, हम सभी दलों के लिए समान अवसर सुनिश्चित कर रहे हैं और स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव होंगे।
इस बीच, पंजाब की कार्यवाहक सरकार ने कहा कि सेना के जवानों और अर्धसैनिक रेंजर्स के जवानों को प्रांत में चुनाव के लिए सुरक्षा ड्यूटी के लिए तैनात किया जाएगा। उन्होंने कहा, आगामी चुनावों के लिए पंजाब में सेना और रेंजर्स को तैनात किया जाएगा। सेना और अर्धसैनिक बलों के 1,47,000 जवान चुनाव सुरक्षा ड्यूटी करेंगे। पंजाब में पचास हजार मतदान केंद्रों में से करीब सात हजार को संवेदनशील घोषित किया गया है।