दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में बन रहे चक्रवाती तूफान का गुजरात पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
आईएमडी ने इससे पहले एक बयान में कहा था कि दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र, दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो गया है। इसके 21 अक्तूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका है।
हिंद महासागर क्षेत्र में चक्रवातों के नामकरण के लिए अपनाए जाने वाले फॉर्मूले के अनुसार इसे 'तेज' कहा जाएगा। आईएमडी के अनुसार, इसके रविवार को एक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने और ओमान के दक्षिणी तटों और उससे सटे यमन की ओर बढ़ने का अनुमान है। हालांकि, चक्रवात कभी-कभी अपना रास्ता बदलते हैं।
अहमदाबाद स्थित मौसम विज्ञान केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती ने कहा, 'इसके 22 अक्तूबर की शाम तक भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील होने और दक्षिण ओमान तथा यमन तट की ओर बढ़ने की आशंका है। उन्होंने कहा, 'चूंकि चक्रवात पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा, इसलिए इसका गुजरात (जो पूर्व में स्थित है) पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। गुजरात में अगले सात दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा।'
राज्य के राहत आयुक्त आलोक कुमार पांडे ने कहा कि तूफान गुजरात की ओर बढ़ रहा है, लेकिन अभी तक कोई खतरा नहीं है। जून में अरब सागर से उठे चक्रवात 'बिपारजॉय' ने कच्छ और गुजरात के सौराष्ट्र के कुछ हिस्सों में तबाही मचाई थी। यह शुरू में पश्चिम की ओर बढ़ रहा था, लेकिन बाद में उसने दिशा बदल ली और कच्छ में दस्तक दी।