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IAF Aircraft Wreckage: ओडिशा के परिवार को अब भी शव का इंतजार, सात साल से नहीं किया अंतिम संस्कार

Sat, 13 Jan 2024 11:20 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर

सार

IAF Aircraft Wreckage: ओडिशा के परिवार ने इस उम्मीद में इतने वर्षों तक एक व्यक्ति का अंतिम संस्कार नहीं किया था कि एक दिन शव मिल जाएगा। लापता मालवाहक विमान का मलबा मिलने के बाद अब परिजनों को उम्मीद है कि अवशेष मिल जाएंगे।
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भारतीय वायुसेना का लापता मालवाहक विमान एएन-32 - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारतीय वायुसेना को 2016 में लापता हुए अपने मालवाहक विमान एएन-32 का मलबा बंगाल की खाड़ी में मिला है। इस विमान में 29 लोग सवार थे। इनमें ओडिशा के चरणा मोहराना भी शामिल थे। उनके परिवार ने सात साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी उनका अंतिम संस्कार नहीं किया है। परिवार अब भी उनके शव का इंतजार कर रहा है। 

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परिवार ने इस उम्मीद में इतने वर्षों तक उनका अंतिम संस्कार नहीं किया था कि एक दिन शव मिल जाएगा। लापता मालवाहक विमान का मलबा मिलने के बाद अब चरणा के माता-पिता अपने बेटे के अवशेष मिलने की उम्मीद में हैं।

विमान 22 जुलाई, 2016 को लापता हुआ था। इसका मलबा चेन्नई तट के पास बंगाल की खाड़ी में करीब 3,400 मीटर की गहराई पर पाया गया है। चरणा मोहराना (27 वर्षीय) गंजाम जिले के सुकुंदा गांव के रहने वाले थे। वह आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में नौसेना के आयुध डिपो में एक फिटर के रूप में काम करते थे। 

विमान में सवार थे ओडिशा के एक और व्यक्ति
इस विमान में राज्य के जाजपुर जिले के रंगारंगा गांव के पूरण चंद्र सेनापति भी सवार थे। विमान जब लापता हुआ था, तब विशाखापत्तनम में नौसेना के आयुध डिपो में दो अधिकारियों ने उनके माता-पिता को सूचना दी थी कि वह लापता हो गए हैं। 

परिजनों ने क्या कहा
चरणा की बहन सस्मिता मोहराना ने कहा, उनका शव नहीं मिला था। इसलिए, हमने उनका अंतिम संस्कार नहीं किया। वहीं, चरणा के 75 वर्षीय पिता सुदामा मोहराना ने कहा, 'लापता विमान का मलबा चेन्नई तट के पास मिला है। हमें उम्मीद है कि बेटे का शव भी समुद्र के पास ही मिलेगा।' 
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उनकी मां (65 वर्षीय) ने कहा कि भले ही सरकार ने उनके बेटे की मौत की घोषणा की और जरूरी मुआवजा भी दिया। लेकिन, मुझे उसके शव न मिलने पर भरोसा नहीं हो रहा है। वहीं, उनके चचेरे भाई अशोक ने कहा कि अब उनके शव के मिलने की उम्मीद है। 
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