दरअसल, कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने एक निजी खनिज कंपनी और वीना की आईटी कंपनी के बीच वित्तीय लेनदेन की जांच का आदेश दिया है। जांच के आदेश ने इस दक्षिणी राज्य में एक बड़ा सियासी तूफान खड़ा कर दिया है।
अधिकारियों ने बताया कि जांच का आदेश कॉरपोरेट मामलों के महानिदेशक के कार्यालय के एक संयुक्त निदेशक ने दिया है। यह कार्यालय कॉरपोरेट मंत्रालय के तहत काम करता है। हालांकि, संयुक्त निदेशक मोहम्मद शकील ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
कांग्रेस ने माकपा नेतृत्व से मांग स्पष्टीकरण
खबर सामने आने के बाद आज विपक्षी कांग्रेस ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस ने माकपा के राज्य नेतृत्व से मामले पर स्पष्टीकरण मांगा। हालांकि, माकपा ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। माकपा ने पिछले महीने एक प्रेस बयान जारी किया था। इसमें उसने खनिज कंपनी और वीना की आईटी कंपनी के बीच वित्तीय लेनदेन का बचाव किया था।
आरोपों में कुछ भी नया नहीं: मोहम्मद रियास
पत्रकारों ने जब मामले पर एलडीएफ के संयोजक ईपी जयराजन से सवाल किया तो उन्होंने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। वहीं, मंत्री पी. राजीव और पीए मोहम्मद रियास ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। हालांकि, राज्य के पीडब्ल्यूडी मंत्री रियास ने कहा, 'इन आरोपों में कुछ भी नया नहीं है। देखते हैं क्या होता है।' रियास, टी वीना के पति भी हैं।
एजेंसियों का इस्तेमाल कर रहा केंद्र: जयराजन
वहीं, जयराजन ने कहा, अपने राजनीतिक हित और लाभ के लिए केंद्र अपनी एजेंसियों का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा, इसके हमारे सामने पहले से कई उदाहरण हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब माकपा लोकसभा चुनावों के लिए कई प्रचार कार्यक्रमों की तैयारी कर रही है।