टास्क फोर्स के पूर्व डीसीपी राधा किशन राव जिनको फोन टैपिंग के मामले में गिरफ्तार किया गया था, उन पर अब एक व्यापारी ने अपहरण और जबरन वसूली का आरोप लगाते हुए शिकयत दर्ज कराई है।
टास्क फोर्स के पूर्व डीसीपी जिनको फोन टैपिंग के मामले में गिरफ्तार किया गया था, उन पर अब एक व्यापारी ने अपहरण और जबरन वसूली का आरोप लगाते हुए शिकयत दर्ज कराई है। व्यापारी ने बताया कि 2018 में उन्हें अपनी कंपनी को अपने बिजनेस पार्टनर को देने के लिए डीसीपी ने मजबूर किया था।
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8 अप्रैल को एक स्वास्थ्य सेवा कंपनी के संस्थापक ने पुलिस में शिकायत की, कि उनके कंपनी के चार अंशकालिक निदेशकों के साथ मिलकर पूर्व डीसीपी राधा किशन राव ने उनका अपहरण कराने का आरोप लगाया। व्यापारी ने बताया कि पूर्व डीसीपी ने 100 करोड के शेयर चारों को बांटने का दबाव बनाया था। उसने बताया कि पूर्व डीसीपी की गिरफ्तारी के बाद ही उसने हैदराबाद सिटी पुलिस को इस घटना की सूचना दी और इस मामले की जांच के लिए आग्रह किया था।
फोन टैपिंग मामले में न्यायिक हिरासत में हैं राव
हैदराबाद में फोन टैपिंग, कुछ कंप्यूटर सिस्टम और आधिकारिक डाटा को नष्ट करने के आरोप में पूर्व डीसीपी राधा किशन राव को गिरफ्तार किया गया था। 4 अप्रैल से 10 अप्रैल तक उन्हें रिमांड में रखने की अनुमति मिली थी। इसके बाद बुधवार को नामपल्ली कोर्ट ने फोन टैपिंग मामले में राधा किशन राव की रिमांड 12 अप्रैल तक बढ़ा दी। गांधी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराने के बाद बुधवार को राव की रिमांड खत्म होने पर पुलिस उन्हें अदालत ले आई।
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इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मुकदमा
फोन टैपिंग मामले में राधा किशन राव की हालिया गिरफ्तारी के बाद वेणुमाधव ने जुबली हिल्स पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 34 के साथ धारा 386, 365, 341 और 120 (बी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सही दिशा में चल रही जांच
हैदराबाद के पुलिस आयुक्त के श्रीनिवास रेड्डी से गुरुवार को फोन टैपिंग के जांच के बारे में पूछा गया, तब उन्होंने कहा कि फोन टैपिंग मामले की जांच 'सही दिशा' में चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि हम इसे पूरी तरह से निष्पक्ष रूप से करेंगे और सही समय पर हम आपको बताएंगे।