हार्दिक पटेल भाजपा में शामिल हुए।
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किन इलाकों में पाटीदार वोटरों का प्रभाव?
गुजरात में करीब 12 फीसदी पाटीदार वोटर हैं। राज्य में पाटीदार-पटेल समुदाय दो वर्णों में बंटा हुआ है। कड़वा पटेल और लेउवा पटेल। हार्दिक पटेल कड़वा पटेल हैं। वहीं, नरेश पटेल और परेश गजेरा लेउवा पटेल हैं। नरेश पटेल श्री खोडलधाम ट्रस्ट (एसकेटी) के अध्यक्ष हैं। खोडलधाम ट्रस्ट लेउवा पटेलों की कुल देवी खोडियार माता के नाम पर बना है। पाटीदार वोटरों में कड़वा पटेल 60% और लेउवा पटेल 40% हैं। लेउवा पटेलों की ज्यादातर आबादी सौराष्ट्र-कच्छ इलाके के राजकोट, जामनगर, भावनगर, अमरेली, जूनागढ़, पोरबंदर, सुरेंद्रनगर, कच्छ जिलों में रहती है। वहीं, कड़वा पटेल समुदाय के लोग उत्तर गुजरात के मेहसाणा, अहमदाबाद, कड़ी-कलोल, विसनगर इलाके में बहुलता से हैं।
2015 में हार्दिक ने पाटीदार आंदोलन किया था।
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नरेश पटेल कौन हैं?
गुजरात की राजनीति में चुनाव से पहले जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है वो नरेश पटेल का ही है। नरेश श्री खोडलधाम ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। खोडलधाम ट्रस्ट राजकोट के लेउआ पटेल समुदाय का एक अहम संगठन हैं। जब से नरेश पटेल ने राजनीति में जाने के संकेत दिए हैं तब से राज्य की सभी पार्टियां उन्हें अपने पाले में करने की कोशिश में लगी हैं। कांग्रेस के साथ उनकी सात से ज्यादा बैठकें हो चुकी हैं। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भारतसिंह सोलंकी, मौजूदा अध्यक्ष जगदीश ठाकोर की उनसे मुलाकात हो चुकी है।
नरेश पटेल की भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल के साथ भी कम से कम तीन बैठकें हो चुकी हैं। गुजरात में अपनी जड़ें मजबूत करने की कोशिश कर रही आम आदमी पार्टी के नेताओं से भी उनकी मुलाकात हुई है। इतना ही नहीं पटेल आप की तारीफ भी कर चुके हैं। बीते कुछ दिनों से उनके आम आदमी पार्टी या कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें हैं।