केरल में 26 अप्रैल को मतदान होना है। राज्य में वित्तीय संकट के कारण वृद्धों और निराश्रित व्यक्तियों के लिए विभिन्न योजनाओं को रोकने और पेंशन के वितरण में देरी से वाम पार्टी के कार्यकर्ताओं में कथित तौर पर असंतोष था। जिसके चलते कल्याणकारी उपाय शुरू किए गए। समाज के विभिन्न वर्गों, खासतौर सामाजिक सुरक्षा पेंशन और कल्याण निधि पर निर्भर लोगों के बीच अंसतोष पैदा होने की भी खबरें थीं।
इन परिस्थितियों और चुनाव नजदीक होने के साथ राज्य के वित्त मंत्री के.एन बालगोपाल ने फंड की मंजूरी का एलान किया। उन्होंने विभिन्न केंद्रीय परियोजनाओं में अपने योगदान को कथित तौर पर रोकने के लिए केंद्र को दोषी ठहराया। बालगोपाल ने कहा, बजट में की गई घोषणा के मुताबिक 180 रुपये की बढ़ी हुई रबर सब्सिडी को लागू करने का आदेश जारी कर दिया गया है।
राज्य के वित्त मंत्री के कार्यालय की ओर से जारी अलग-अलग बयान जारी किए गए हैं। इनमें कहा गया है कि पेंशन बकाया के लिए 628 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। विभिन्न श्रेणियों के छात्रों के लिए वर्ष 2021-22 और 2022-23 के लिए प्री-मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 450 करोड़ रुपये से ज्यादा और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) और आशा कार्यकर्ताओं के वेतन और मानदेय के वितरण के लिए 40 करोड़ रुपये की अनुमति दी गई है। बालगोपाल ने कहा कि राज्य सरकार ने प्राकतिर रबर की कीमतों में गिरावट को देखते हुए रबर उत्पादन प्रोत्साहन योजना लागू की है।
सरकार ने पांच फरवरी को विधानसभा में घोषणा की थी कि 2024-25 के बजट में रबर के लिए सब्सिडी राशि 170 रुपये प्रति किलोग्राम से 10 रुपये बढ़ाई जाएगी। सरकार ने कहा था कि यह एक अप्रैल से प्रभावी होगा। शनिवार को मंत्री ने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में रबर की कीमत बढ़ने के बावजूद केंद्र सरकार की नीतियों के चलते देश में इसकी दरें गिर रही हैं।