देश के पहले सहकारिता सम्मेलन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा, गरीबों के कल्याण एवं उत्थान का एक मात्र रास्ता सहकारिता है। सरकार जल्द ही नई सहकारिता नीति लेकर आएगी और राज्यों के साथ सहकारिता आंदोलन को मजबूत किया जाएगा। शाह ने कहा, सहकारिता आंदोलन से पीएम मोदी के 50 खरब की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल किया जा सकेगा। जुलाई में ही सहकारिता मंत्रालय का गठन किया था।
कर समस्या का निदान
शाह ने कहा, सहकारी समितियों को कर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मैं भरोसा दिलाता हूं कि इनका समाधान होगा आपके साथ अन्याय किसी सूरत में नहीं होगा। अब समय बदलाव का है, हम इसे और मजबूत बनाएंगे।
सहकारिता हमारी संस्कृति का हिस्सा
शाह ने कहा, तमाम देशों में सहकारी समितियां कानून के जरिये बनाई गईं। हमारे यहां तो यह संस्कृति का हिस्सा है। इफ्को, अमूल, लिज्जत पापड़ जैसी सहकारी संस्थाएं दूध, खाद जैसे क्षेत्रों में मील का पत्थर साबित हुई हैं। अभी बीज, खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में भी इनके लिए मौके हैं, यहां भी निश्चित रूप से लाभ होगा। यह वक्त नकारने का नहीं बल्कि प्राथमिकता देने की है। हमें बस बेहतर शुरुआत करनी है।