कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया के कार्यक्रम के लिए यूनेस्को विरासत स्थल सूची में शामिल विरुपाक्ष मंदिर के स्तंभ पर ड्रिलिंग मशीन से छेद किया गया। जिसके बाद से विवाद खड़ा हो गया है। एएसआई ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
विरुपाक्ष मंदिर के अंदर ऐतिहासिक स्तंभ के साथ छेड़छाड़ के बाद विवाद खड़ा हो गया है। कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया के एक हालिया कार्यक्रम के दौरान एक झंडा बांधने के लिए ऐतिहासिक स्तंभ पर ड्रिलिंग मशीन से छेद किया गया। बता दें हम्पी यूनेस्को विरासत स्थल सूची में आता हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारियों ने बंदोबस्ती विभाग के अधिकारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
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मामले पर त्वरित संज्ञान लेते ही एएसआई ने कहा, हम्पी के ऐतिहासिक स्तंभ पर कील ठोकने के लिए ड्रिलिंग मशीन का इस्तेमाल किया गया। पिछले हफ्ते आयोजित एक समारोह के दौरान खंभे पर एक झंडा लगाया गया था। यह घटना तब सामने आई जब खंभे से सजावटी सामान हटाया गया। एएसआई हम्पी सर्कल के एक अधिकारी ने कहा, बंदोबस्ती विभाग के प्रभारी अधिकारी, जो हम्पी में काम करते हैं, को बुलाया गया और नोटिस भेजा गया। एएसआई टीम ने नुकसान का संज्ञान लिया है। दस्तावेजीकरण के लिए स्तंभ में क्षतिग्रस्त हिस्से की तस्वीरें ली गई। अधिकारी ने कहा, जब ड्रिलिंग की जा रही थी तो स्थानीय अधिकारियों ने कार्रवाई क्यों नहीं की।
वहीं स्थानीय लोगों ने मांग की कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित किया जाना चाहिए। सीएम सिद्धारमैया का कार्यक्रम कन्नड़ ज्योति समारोह के दिन खंभों पर कन्नड़ ध्वज लगाए गए थे। इस दौरान कई वीआईपी शामिल हुए थे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसलिए अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। लोगों ने कहा, हम्पी में कोई बड़ा कार्यक्रम आयोजित होता है तो एएसआई और हम्पी प्रबंधन अधिकारियों को सतर्क रहना चाहिए।