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Supreme Court: 'इस तरह से वादी की मदद करने में मिलती है सबसे बड़ी संतुष्टि', विशेष लोक अदालत के बाद बोले CJI

Mon, 29 Jul 2024 08:19 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

Supreme Court: भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने सोमवार को कहा कि वादियों को उनके विवादों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने में मदद करना, न्यायाधीशों के रूप में हमें सबसे बड़ी संतुष्टि देता है। 
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सुप्रीम कोर्ट में विशेष लोक अदालत का आयोजन - फोटो : PTI
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विस्तार
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आज सुप्रीम कोर्ट की स्थापना के 75 साल पूरे हो गए, इस मौके पर एक हफ्ते तक चलने वाले विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ काफी खुश और संतुष्ट भी नजर आए। जिसके बाद उन्होंने बताया कि उन्हें क्या काम करके सबसे ज्यादा संतुष्टि मिलती है। सीजेआई ने कहा कि वादियों को उनके विवादों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने में मदद करना, न्यायाधीशों के रूप में हमें सबसे बड़ी संतुष्टि देता है।
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भारत के मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ - फोटो : PTI
विशेष लोक अदालत का उद्देश्य
सर्वोच्च न्यायालय के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक सप्ताह तक चलने वाली विशेष लोक अदालत की शुरुआत इस उद्देश्य से हुई कि ऐसे मामलों में उपयुक्त लंबित मामलों का सौहार्दपूर्ण समाधान संभव हो सके, जिनमें समाधान होने की गुंजाइश हो। वहीं सीजेआई ने लोक अदालत से पहले की बैठक के दौरान एक अलग जोड़े के मामले को सुलझाने के अपने अनुभव को साझा किया और कहा कि पति ने अपनी पत्नी के खिलाफ यहां पटियाला हाउस कोर्ट में एक पारिवारिक अदालत में तलाक की याचिका दायर की थी।

भारत के मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ - फोटो : PTI
सीजेआई ने बताया लोक अदालत का महत्व
सीजेआई ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि पत्नी ने अपने पति के खिलाफ भरण-पोषण की मांग के अलावा अपने बच्चे की कस्टडी के लिए एक और याचिका दायर की थी। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान में लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पति-पत्नी ने आपसी सहमति से फैसला किया कि वे स्थानीय अदालतों से संबंधित मामलों को वापस ले लेंगे और साथ रहेंगे। सीजेआई ने बताया कि मामले में पति ने मुझसे पूछा कि क्या उसे केस वापस लेने के बाद सुप्रीम कोर्ट में वापस आना होगा। उन्होंने कहा कि उसे आश्वस्त किया कि उसे वापस आने की जरूरत नहीं है।

विशेष लोक अदालत के बाद बोले CJI - फोटो : PTI
सीजेआई ने कहा- मुझे एक मामला याद है जिसमें एक व्यक्ति ने पटियाला हाउस कोर्ट में तलाक के लिए अर्जी दी थी, जबकि उसकी पत्नी ने भरण-पोषण और बच्चों की कस्टडी के लिए अर्जी दी थी। वे दोनों लोक अदालत से पहले की बैठक में आए और फैसला किया कि वे साथ रहेंगे। जब मैंने उनसे पूछा..., तो उन्होंने कहा कि उन्होंने खुशी-खुशी साथ रहने का फैसला किया है। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा- आखिरकार न्यायाधीशों के रूप में, हमारे लिए सबसे बड़ी संतुष्टि तब होती है जब हम पक्षों को उनके विवादों को सुलझाने में मदद करते हैं। 
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भारत के मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ - फोटो : PTI
विवादों को सुलझाने पर मिलती है संतुष्टि- चंद्रचूड़  
न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ आगे कहा कि- बेशक, न्यायाधीशों के रूप में हमें विवादों का फैसला करना होता है, निर्णय देना होता है, कानून के अनुसार उनका फैसला करना होता है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जब पक्षकार आपसी सहमति से विवादों को सुलझा लेते हैं, तो आपको संतुष्टि मिलती है। लोक अदालत विवादों को सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए तैयार किया गया एक वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र है। आपसी सहमति से हुए समझौते के खिलाफ कोई अपील दायर नहीं की जा सकती है।
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