पश्चिम बंगाल के मालदा में एक सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोपी आसिफ मोहम्मद ने फोटो खिंचवाने के बहाने अपने परिवार के सदस्यों को घर के तहखाने में चलने को कहा और वहां उन्हें पानी में डुबोकर मार डाला था। शनिवार को आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद रविवार को उसके दो दोस्तों को पकड़ा गया।
बड़े भाई ने की थी शिकायत
जघन्य हत्याकांड की यह वारदात फरवरी की है। करीब चार माह बाद इसका खुलासा हुआ है। मालदा पुलिस ने रविवार को इस बारे में बताया। पुलिस के अनुसार हत्या के आरोपी आसिफ के बड़े भाई आरिफ मोहम्मद द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद पुलिस ने शनिवार को गुरुटोला गांव में एक मकान के कमरे की खुदाई की थी। वहां से चार शव निकाले जाने के बाद 19 वर्षीय आसिफ को गिरफ्तार किया था।
पहले नींद की गोलियां खिलाईं
पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर कहा कि 28 फरवरी की रात को आसिफ ने अपने पिता जावेद अली (50), मां इरा बीबी (45), बहन आरिफा खातून (17) और दादी अलेकजान बीबी (75) को अपने मकान के तहखाने में फोटो खिंचवाने के बहाने लेकर गया था। इससे पहले उसने कोल्ड ड्रिंक में उन्हें नींद की गोलियां मिलाकर पिलाई थी, इससे वे बेहोश हो गए। इसके बाद आसिफ ने सभी को पानी में डुबोकर मार डाला था। यही नहीं आसिफ ने शवों को एक कमरे के फर्श को खोदकर उसके नीचे दफना दिया था।
संपत्ति विवाद की आशंका, पिता से लिए थे दो लाख रुपये
पश्चिम बंगाल पुलिस को आशंका है कि कालियाचक के गुरुटोला गांव में हुए इस हत्याकांड के पीछे संपत्ति संबंधी विवाद मुख्य कारण हो सकता है, लेकिन कहा कि यह निष्कर्ष नहीं है क्योंकि जांच अब भी जारी है। आरोपी ने अपने पिता से काफी रुपये लिए थे और पूरी संपत्ति अपने नाम पर करने के लिए कह रहा था। आरोपी के पास से दो लाख रुपये भी जब्त किए गए हैं।
चार माह तक भागता रहा आरोपी का बड़ा भाई
आसिफ का बड़ा भाई आरिफ किसी तरह वहां से भाग निकला था और चार महीने तक अपने ठिकाने बदलता रहा। आरिफ ने शुक्रवार रात पुलिस को घटना की सूचना दी। घर से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं और मामले की समग्र जांच की जा रही है।
दोस्तों के पास मिले भारी मात्रा में हथियार
मालदा ग्रामीण के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनीश सरकार ने बताया कि आसिफ के दोस्त सबीर अली (19) और मोहम्मद मारुफ (21) को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से पांच पिस्तौल, 80 कारतूस और 10 मैगजीन बरामद की गई। हत्या के आरोपी ने एक सप्ताह पहले ये हथियार उन्हें सौंपे थे। पुलिस ने कहा कि हत्याकांड में आसिफ एकमात्र आरोपी है। हथियारों और हत्या के बीच कोई जुड़ाव नहीं मिला है। हम पता लगा रहे हैं कि कहां से उसने ये पिस्तौल और कारतूस जुटाए थे। आसिफ पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और हथियार कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसके दो दोस्तों पर शस्त्र कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।