राज्य आपदा केंद्र के मुताबिक आनंद जिले के बोरसाद में सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक चार घंटे में 314 मिमी बारिश हुई। यहां के निचले इलाकों में बाढ़ आने से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने 400 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। डीएम प्रवीण चौधरी ने कहा कि बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने का काम चल रहा है।
गुजरात के सूरत के एक जिले का नजारा।
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भारी बारिश के चलते सूरत के कई इलाकों में बाढ़ आ गई। इसके चलते कई गांवों का संपर्क टूट गया। यहां बाढ़ में फंसे करीब 200 लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। एनडीआरएफ ने सूरत के मंगरोल के लिंबाडा से लोगों को बचाया। वहीं सूरत के उमरपाड़ा में 276 मिमी, पलसाना में 250 मिमी, कामरेज में 208 मिमी और बारडोली में 202 मिमी बारिश हुई। अधिकारियों ने बताया कि एहतियात के तौर पर जिले की 132 सड़कों को बंद कर दिया गया है।
गुजरात के गिरा वाटरफाॅल में उफान।
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सुबह चार बजे हुई बारिश से भरूच में हालात बिगड़ गए हैं। डीएम तुषार सुमेरा ने बताया कि भरूच के हंसोट, झगड़िया, वालिया और नेत्रंग, अंकलेश्वर और जंबसुर में भारी बारिश हुई। इसके चलते यहां सभी शैक्षणिक संस्थानों की छुट्टी कर दी गई है। वहीं पूर्णा नदी में पानी बढ़ने से आई बाढ़ के चलते नवसारी और बिल्मोरा से 150 लोगों को दूसरी जगह पर भेजा गया है। अधिकारियों ने कहा कि कावेरी और अंबिका नदी खतरे के निशान पर बह रही हैं। इनसे जुड़ी नदियों में बाढ़ आ गई है। इसके चलते कई स्थानों पर यातायात बाधित है।
लगातार हो रही बारिश से रेलवे ट्रैक पर पानी भर गया है। इसके अलावा कई जगह पानी रेलवे पुल तक आ गया है। इसके चलते लंबी दूरी की 11 ट्रेनों के रेगुलेट यानि देरी से चलाया जाएगा। जबकि चार पैसेंजर ट्रेनों को रद्द किया गया है।